विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने IIT मद्रास में IITM ग्लोबल रिसर्च फाउंडेशन का शुभारंभ किया

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने IIT मद्रास में IITM ग्लोबल रिसर्च फाउंडेशन का शुभारंभ किया

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने IIT मद्रास में IITM ग्लोबल रिसर्च फाउंडेशन का शुभारंभ किया
IITM ग्लोबल रिसर्च फाउंडेशन अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक कार्यक्रमों, संयुक्त अनुसंधान और परामर्श परियोजनाओं, स्टार्टअप सहयोग और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण का समर्थन करेगा।


विदेश मंत्री डॉ. एस.जयशंकर ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास की एक पहल, IITM ग्लोबल रिसर्च फाउंडेशन का शुभारंभ किया है, जिसका उद्देश्य संस्थान की अंतरराष्ट्रीय सहभागिता और अनुसंधान उपस्थिति का विस्तार करना है।

IIT मद्रास के अनुसार यह पहल शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में मजबूत वैश्विक नेटवर्क के साथ एक बहुराष्ट्रीय विश्वविद्यालय मॉडल के रूप में विकसित होने के प्रयासों में एक कदम है। इस फाउंडेशन को एक दीर्घकालिक मंच के रूप में तैयार किया गया है ताकि संस्थान की शैक्षणिक और तकनीकी क्षमताओं को भारत के बाहर के साझेदारों और बाजारों तक पहुंचाया जा सके।

IITM ग्लोबल रिसर्च फाउंडेशन अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक कार्यक्रमों, संयुक्त अनुसंधान और परामर्श परियोजनाओं, स्टार्टअप सहयोग और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को समर्थन देगा। इसके फोकस क्षेत्रों में डेटा साइंस, एआई, क्वांटम प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष, गतिशीलता, ऊर्जा और जल प्रणाली, स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी और हरित प्रौद्योगिकी शामिल हैं।

इस फाउंडेशन की संरचना 'plug-and-play' पद्धति पर आधारित है, जो शोधकर्ताओं, तकनीकी क्षेत्र के नवप्रवर्तकों, स्टार्टअप्स और उद्योग भागीदारों को वैश्विक अनुसंधान अवसरों, वित्तपोषण स्रोतों और बाजारों से जुड़ने की सुविधा प्रदान करती है। IIT मद्रास ने कहा कि “इस दृष्टिकोण का उद्देश्य विभिन्न देशों और क्षेत्रों में लचीला सहयोग संभव बनाना है।“

इस शुभारंभ कार्यक्रम में IIT मद्रास के डायरेक्टर प्रोफेसर वी. कामाकोटी, वैश्विक सहभागिता के डीन प्रोफेसर रघुनाथन रंगास्वामी, IITM ग्लोबल रिसर्च फाउंडेशन के सीईओ माधव नारायण, साथ ही संकाय सदस्य, शोधकर्ता, छात्र और अन्य हितधारक उपस्थित थे।

प्रोफेसर कामाकोटी ने कहा कि “इस पहल से अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने और विदेशों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के इच्छुक स्टार्टअप्स को समर्थन देने में मदद मिलेगी।“ उन्होंने आगे कहा "शुरुआत में हम पांच स्थानों- अमेरिका, ब्रिटेन, दुबई, मलेशिया और जर्मनी में अपनी उपस्थिति स्थापित कर रहे हैं। सफलता मिलने पर इस पहल का विस्तार कई देशों में किया जाएगा।"

डॉ. जयशंकर ने कहा "हमने कभी भी दुनिया को शत्रुतापूर्ण या प्रतिकूल स्थान नहीं माना है, जिससे हमें रक्षात्मक रूप से खुद को बचाना पड़े। सीमित संसाधनों के साथ अधिकतम प्रभाव कैसे डाला जाए? यही वह समस्या है जिसका समाधान करना होगा।"

उन्होंने आगे कहा कि "भारत की विदेश नीति वैश्विक स्तर पर अपनी राष्ट्रीय शक्तियों और संस्थागत क्षमताओं का उपयोग करना चाहती है।" अन्य देशों को भारत द्वारा दी जा रही सहायता का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा "तंजानिया में IIT मद्रास का परिसर स्थापित करना एक ऐसा तरीका है जिससे भारतीय विदेश नीति ने यहां की एक संस्था की क्षमताओं का लाभ उठाकर व्यापक प्रभाव डाला है।"

डॉ. जयशंकर ने तकनीकी उत्सव शास्त्र और सांस्कृतिक उत्सव सारंग सहित IITM महोत्सव पखवाड़े का भी उद्घाटन किया।

IIT मद्रास में 18 शैक्षणिक विभाग, 15 उत्कृष्टता केंद्र, 23 अनुसंधान केंद्र और 100 उन्नत प्रयोगशालाएँ हैं, जिन्हें 650 संकाय सदस्यों का सहयोग प्राप्त है। इस नए फाउंडेशन के माध्यम से संस्थान अनुसंधान और शिक्षा पर अपना ध्यान केंद्रित रखते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति बढ़ाना चाहता है।

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