YouTube बनाम Spotify: भारतीय पॉडकास्ट्स की नई रणनीति

YouTube बनाम Spotify: भारतीय पॉडकास्ट्स की नई रणनीति

YouTube बनाम Spotify: भारतीय पॉडकास्ट्स की नई रणनीति
वर्ष 2025 में भारत में पॉडकास्टिंग ने तेज़ी से विस्तार किया, जहाँ यूट्यूब ने डिस्कवरी और वायरलिटी दी, जबकि स्पॉटीफाई ने वफादार श्रोताओं का आधार बनाया।

पॉडकास्टिंग न केवल समाज में अपनी उपस्थिति को मज़बूती दी, बल्कि इसके इर्द-गिर्द एक पूरा इकोसिस्टम भी तैयार किया, जिसमें बातचीत, विचार, राय और उपभोग से जुड़ी कई इंडस्ट्रीज़ शामिल हैं। भारत में पॉडकास्टिंग की तेज़ी से हुई वृद्धि यह भी दिखाती है कि श्रोता इस तरह की सामग्री को किस तरह अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर उपभोग करना पसंद करते हैं।

उदाहरण के तौर पर, जहाँ ऑडियो-फर्स्ट श्रोताओं का बड़ा हिस्सा आज भी Spotify को अपना प्राथमिक प्लेटफॉर्म मानता है, वहीं नए शो खोजने, शो के इर्द-गिर्द बड़ी कम्युनिटीज़ बनाने और वीडियो कंटेंट देखने के लिए YouTube की बढ़ती लोकप्रियता यह दर्शाती है कि भारतीय पॉडकास्टर्स Spotify और YouTube – दोनों की पूरी क्षमता का उपयोग कर सकते हैं।

कुछ पॉडकास्ट क्रिएशन ग्रुप्स ने ऑडियो क्रिएटिविटी और ब्रांडिंग के ज़रिए वफादार ऑडियो ऑडियंस तैयार की, जबकि कुछ ने वीडियो-आधारित कंटेंट के माध्यम से कहीं ज़्यादा बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंच बनाई।

यहाँ 2025 के कुछ सबसे लोकप्रिय भारतीय पॉडकास्ट्स और YouTube व Spotify पर उनके प्रदर्शन पर एक नज़र डालते हैं:

रणवीर शो (बीयरबाइसेप्स)

प्लेटफॉर्म: YouTube, Spotify

जॉनर: सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, बिज़नेस, स्पिरिचुअलिटी, पॉप कल्चर

द रणवीर शो दर्शकों की संख्या के लिहाज़ से सभी प्लेटफॉर्म्स पर अपनी मज़बूत मौजूदगी के कारण अलग पहचान रखता है। 2025 तक यह एक लोकप्रिय भारतीय यूट्यूबर के रूप में अपनी पहचान को पॉडकास्ट फॉर्मेट में आगे बढ़ाता रहा और भारत के टॉप पॉडकास्ट्स में शामिल रहा, जहाँ लगभग हर एपिसोड को 1 से 5 मिलियन व्यूज़ मिले।

इसकी लोकप्रियता का मुख्य कारण इसका फॉर्मेट है—उद्यमियों, आध्यात्मिक गुरुओं और सेलिब्रिटीज़ के साथ लंबे और गहराई वाले इंटरव्यू।

Spotify पर भी The Ranveer Show भारत के सबसे ज़्यादा सुने जाने वाले पॉडकास्ट्स में शामिल रहा, खासकर बिज़नेस और सेल्फ-ग्रोथ कैटेगरी में। YouTube का एल्गोरिदम इसके क्लिप्स और फुल एपिसोड्स को नए दर्शकों तक लगातार पहुँचाता रहा, जो इसकी बड़ी ताकत रही।

प्लेटफॉर्म टेकअवे: YouTube ने शो को स्केल और वायरलिटी दी, जबकि Spotify ने वफादार और बार-बार सुनने वाले श्रोताओं को बनाए रखा।

Figuring Out with राज शमानी   

प्लेटफॉर्म: YouTube, Spotify

जॉनर: एंटरप्रेन्योरशिप, फाइनेंस, माइंडसेट

राज शमानी का Figuring Out 2025 में युवाओं, नए उद्यमियों और प्रोफेशनल्स के बीच बेहद लोकप्रिय रहा। इसके ज़्यादातर YouTube एपिसोड्स, खासकर स्टार्टअप फाउंडर्स और निवेशकों के इंटरव्यू, 5 लाख से 10 लाख व्यूज़ की रेंज में रहे।

Spotify पर भी यह शो भारत में बिज़नेस और एंटरप्रेन्योरशिप कैटेगरी में टॉप चार्ट्स के आसपास बना रहा। छोटे एपिसोड्स होने के कारण श्रोताओं को इसे चलते-फिरते सुनना आसान लगा।

प्लेटफॉर्म टेकअवे: यूट्यूब ने विज़ुअल थॉट लीडरशिप को बढ़ावा दिया, जबकि Spotify ने बिज़नेस पॉडकास्ट इकोसिस्टम में भरोसा और विश्वसनीयता बनाई।

देसी क्राइम पॉडकास्ट

प्लेटफॉर्म: Spotify (मुख्य), YouTube (क्लिप्स)

जॉनर: ट्रू क्राइम

वर्ष 2025 में ट्रू क्राइम पॉडकास्ट्स ने काफ़ी सफलता हासिल की, और The Desi Crime Podcast इसकी एक बेहतरीन मिसाल रहा। यह नियमित रूप से Spotify पर भारत के टॉप क्रिएटर-लेड पॉडकास्ट्स में शामिल रहा, जहाँ कई एपिसोड्स को लाखों स्ट्रीम्स मिले।

हालाँकि YouTube पर पूरे एपिसोड्स नहीं डाले गए, लेकिन छोटे क्लिप्स और हाइलाइट्स ने नए श्रोताओं को ऑडियो प्लेटफॉर्म तक लाने में मदद की।

प्लेटफॉर्म टेकअवे: Spotify मुख्य रूप से सुनने के लिए है, जबकि YouTube खोज और डिस्कवरी का ज़रिया है।

खूनी  मंडे – द हॉरर शो

प्लेटफॉर्म: Spotify, YouTube

जॉनर: हॉरर, स्टोरीटेलिंग

खूनी  मंडे (Khooni Monday) ने भारत में हॉरर पॉडकास्ट्स की बढ़ती लोकप्रियता का भरपूर फायदा उठाया। 2025 में Spotify पर इसकी एपिसोड-ड्रिवन स्टोरीटेलिंग शैली ने बिंज-लिसनिंग को बढ़ावा दिया। वहीं, युवाओं के बीच YouTube पर विज़ुअल नैरेटिव एपिसोड्स और क्लिप्स ने मज़बूत एंगेजमेंट बनाया।

प्लेटफॉर्म टेकअवे: ऑडियो ने सुनने की आदत बनाई, जबकि वीडियो ने कंटेंट के प्रति जिज्ञासा जगाई।

The Habit Coach with Ashdin Doctor

प्लेटफॉर्म: Spotify

जॉनर: मेंटल वेलनेस, सेल्फ-हेल्प

वर्ष 2025 में वेलनेस कंटेंट तेज़ी से बढ़ा। The Habit Coach Spotify पर लगातार अच्छा प्रदर्शन करता रहा और भारत के प्रमुख सेल्फ-हेल्प पॉडकास्ट्स में शामिल रहा। छोटे, व्यावहारिक और स्पष्ट एपिसोड्स के कारण यह एक शुद्ध ऑडियो-फर्स्ट पॉडकास्ट का बेहतरीन उदाहरण रहा, जिसमें YouTube पर लगभग कोई फोकस नहीं था।

प्लेटफॉर्म टेकअवे: ऑडियो-फर्स्ट फॉर्मेट आज भी सफल हो सकते हैं; कुछ प्रकार की सामग्री केवल ऑडियो प्लेटफॉर्म पर ही फल-फूल सकती है।

यूट्यूब बनाम स्पॉटीफाई

2025 में भारतीय पॉडकास्ट्स के डेटा और परफॉर्मेंस पैटर्न से एक साफ़ निष्कर्ष निकलता है:

यूट्यूब : पहचान बनाने, वायरल होने और ब्रांड डिस्कवरी का ज़रिया
स्पॉटीफाई: वफादार श्रोताओं, बार-बार सुनने और गहरे कनेक्शन (डेप्थ) का प्लेटफॉर्म

उद्यमियों और ब्रांड्स के लिए इसका महत्व

वर्ष 2025 में पॉडकास्ट केवल कंटेंट प्रोडक्ट नहीं रहे, बल्कि ग्राहकों तक पहुंचने का एक प्रभावी माध्यम बन गए। कई पॉडकास्टर्स ने बातचीत के ज़रिए मज़बूत कम्युनिटीज़ तैयार कीं। इसी भरोसे और कनेक्शन के आधार पर वे रेवेन्यू मॉडल बना पाए।

ब्रांड्स हमेशा वहीं जाते हैं जहाँ ध्यान होता है, और आज ध्यान उन क्रिएटर्स पर है जो प्रामाणिक और विश्वसनीय हैं।

भारतीय पॉडकास्टिंग अब एक स्थापित अर्थव्यवस्था का हिस्सा बन चुकी है—यह अब प्रयोग के दौर से निकलकर रणनीतिक विकास के चरण में है। जिन क्रिएटर्स ने अपने ऑडियंस सेगमेंट को साफ़-साफ़ परिभाषित किया और प्लेटफॉर्म्स का सही उपयोग किया, उन्होंने तेज़ी से ग्रोथ हासिल की। वर्ष 2025 में भारतीय पॉडकास्ट्स ने सिर्फ़ बात नहीं की—उन्होंने स्केल किया, प्रभाव डाला और बिज़नेस बनाए, वह भी एक-एक बातचीत के ज़रिए।

 

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