यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से आइसक्रीम कारोबार को अलग (डीमर्जर) करने से हुए एकमुश्त लाभ के कारण हुई है। नियामकीय फाइलिंग के अनुसार, नए लेबर कोड लागू होने के कारण कंपनी को इस तिमाही में 576 करोड़ रुपये का असाधारण नुकसान भी दर्ज करना पड़ा। वहीं दिसंबर तिमाही में HUL ने अपने आइसक्रीम कारोबार को क्वालिटी वॉल्स (इंडिया) लिमिटेड में अलग कर दिया।
कंपनी का टैक्स के बाद मुनाफा (PAT) 6,603 करोड़ रुपये रहा, जो साल-दर-साल 121 प्रतिशत बढ़ा। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से आइसक्रीम कारोबार के डीमर्जर से हुए एकमुश्त लाभ के कारण हुई, जिसे मंजूर योजना और लेखा मानकों के अनुसार दर्ज किया गया।
HUL ने अपने आय विवरण में कहा कि असाधारण मदों को हटाने के बाद कंपनी का टैक्स के बाद मुनाफा 2,562 करोड़ रुपये रहा, जो 1 प्रतिशत बढ़ा है।
असाधारण मदों और टैक्स से पहले कंपनी का मुनाफा 3,495 करोड़ रुपये रहा। दिसंबर तिमाही में उत्पादों की बिक्री से कंपनी की आय 5.71 प्रतिशत बढ़कर 16,197 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल इसी तिमाही में 15,322 करोड़ रुपये थी। कंपनी ने बताया कि इस तिमाही में उसे 4 प्रतिशत की अंडरलाइंग वॉल्यूम ग्रोथ (UVG) हासिल हुई। वहीं दिसंबर तिमाही में एचयूएल का कुल खर्च 6.37 प्रतिशत बढ़कर 13,078 करोड़ रुपये रहा। कुल आय, जिसमें अन्य आय भी शामिल है, 5.01 प्रतिशत बढ़कर 16,580 करोड़ रुपये हो गई।
सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर प्रिया नायर ने कहा कि इस तिमाही में मांग के रुझानों में सुधार के शुरुआती संकेत दिखे, जिसे सहायक नीतिगत कदमों का समर्थन मिला। उन्होंने आगे कहा, “इन परिस्थितियों में हमने अच्छा प्रदर्शन किया, जिसमें 6 प्रतिशत राजस्व वृद्धि और 4 प्रतिशत अंडरलाइंग वॉल्यूम ग्रोथ दर्ज की गई।”
उन्होंने कहा कि कंपनी ने अपने ब्रांड्स की लोकप्रियता बढ़ाने, तेजी से बढ़ते बाजार क्षेत्रों में विस्तार करने और क्विक कॉमर्स जैसे भविष्य के चैनलों को मजबूत करने के लिए विशेष संगठन के साथ अपनी क्षमताओं को और बेहतर बनाया है।”