ICAT और IIT रोपड़ मिलकर करेंगे EV और हाइड्रोजन तकनीक पर रिसर्च

ICAT और IIT रोपड़ मिलकर करेंगे EV और हाइड्रोजन तकनीक पर रिसर्च

ICAT और IIT रोपड़ मिलकर करेंगे EV और हाइड्रोजन तकनीक पर रिसर्च
दोनों संस्थानों ने एमओयू पर किए हस्ताक्षर, ऑटोमोटिव क्षेत्र के लिए अगली पीढ़ी की मोबिलिटी तकनीकों और कुशल मानव संसाधन के विकास पर रहेगा ध्यान।

भारी उद्योग मंत्रालय (MHI) के अंतर्गत नेशनल ऑटोमोटिव बोर्ड (NAB) की इकाई इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी (ICAT) ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रोपड़ के साथ इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और हाइड्रोजन आधारित ऑटोमोटिव तकनीकों के विकास के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस साझेदारी का उद्देश्य अगली पीढ़ी की मोबिलिटी तकनीकों पर अनुसंधान को बढ़ावा देना, उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करना तथा ऑटोमोटिव क्षेत्र के लिए कुशल प्रतिभा तैयार करने हेतु लचीले शिक्षण कार्यक्रम विकसित करना है।

इस समझौते पर ICAT के निदेशक सौरभ दलेला और IIT रोपड़ के निदेशक प्रो. राजीव आहूजा ने दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए।

एमओयू के तहत दोनों संस्थान इलेक्ट्रिक वाहन, हाइड्रोजन आधारित मोबिलिटी समाधान, अनुप्रयुक्त अनुसंधान (Applied Research), तकनीक विकास और शैक्षणिक पहलों पर संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। इस सहयोग का उद्देश्य स्वदेशी तकनीकों के विकास को बढ़ावा देना और भारत के ऑटोमोटिव इकोसिस्टम में नवाचार को गति देना है।

आईसीएटी (ICAT), जो भारी उद्योग मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त संस्था है, ऑटोमोटिव परीक्षण, प्रमाणन (Certification), होमोलोगेशन, अनुसंधान एवं विकास (R&D) और इंजीनियरिंग सेवाएं प्रदान करती है। संस्था का कहना है कि प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के साथ इस तरह की साझेदारियां भारत को भविष्य की मोबिलिटी तकनीकों में आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

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