यह पहल भारत में AI आधारित मीडिया शिक्षा, अनुसंधान और क्षमता निर्माण को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
IIMC परिसर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव चंचल कुमार ने अकादमी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर आईआईएमसी की कुलपति डॉ. प्रज्ञा पालीवाल गौर और Google DeepMind India के वरिष्ठ निदेशक डॉ. मनीष गुप्ता भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान 10 सप्ताह के AI कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल समापन का भी जश्न मनाया गया।
मीडिया शिक्षा में AI का नया अध्याय
AIME अकादमी को मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र में AI के लिए एक राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। इसका उद्देश्य छात्रों, पत्रकारों, मीडिया शिक्षकों और संचार पेशेवरों को नई तकनीकों से जोड़ना और उन्हें भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है।
अकादमी पांच प्रमुख स्तंभों पर आधारित है - क्षमता निर्माण, अनुसंधान, नवाचार एवं इनक्यूबेशन, जिम्मेदार AI नीति विकास और रणनीतिक सहयोग। इन स्तंभों के माध्यम से आईआईएमसी पारंपरिक मीडिया शिक्षा को आधुनिक तकनीक आधारित मीडिया प्रशिक्षण में बदलने का प्रयास कर रहा है।
अकादमी भारत की जरूरतों के अनुसार विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल विकसित करेगी। साथ ही पत्रकारिता में AI के उपयोग पर व्यावहारिक शोध को बढ़ावा देगी और समाचार कक्षों में AI के जिम्मेदार उपयोग को प्रोत्साहित करेगी।
देशभर में छात्रों और मीडिया पेशेवरों को मिलेगा लाभ
IIMC के नई दिल्ली, ढेंकनाल, जम्मू, आइजोल, अमरावती और कोट्टायम स्थित छह क्षेत्रीय केंद्र इस पहल को पूरे देश में पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से विभिन्न भारतीय भाषाओं में AI आधारित मीडिया प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल मीडिया शिक्षा में भाषा आधारित असमानताओं को कम करने में मदद करेगी। इससे क्षेत्रीय भाषाओं के पत्रकारों, छात्रों और शिक्षकों को भी आधुनिक AI तकनीकों तक पहुंच मिलेगी।
अकादमी बहुभाषी संचार, सार्वजनिक सेवा प्रसारण, ग्रामीण दर्शकों और भारतीय लोकतांत्रिक विविधता जैसे विषयों को भी वैश्विक AI चर्चा का हिस्सा बनाने का प्रयास करेगी। इससे भारतीय मीडिया की जरूरतों के अनुरूप AI समाधानों के विकास को बढ़ावा मिलेगा।
AI कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण AI कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान करना रहा। इस प्रशिक्षण में दूरदर्शन, आकाशवाणी, प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), प्रकाशन विभाग और आईआईएमसी सहित विभिन्न संस्थानों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
10 सप्ताह तक चले इस हाइब्रिड प्रशिक्षण कार्यक्रम में मीडिया पेशेवरों, शिक्षकों और छात्रों को AI की मूलभूत जानकारी के साथ-साथ Google के आधुनिक AI टूल्स का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। वहीं प्रतिभागियों ने NotebookLM, Gemini, AI Studio और Pinpoint जैसे AI प्लेटफॉर्म का उपयोग सीखकर कंटेंट निर्माण, शोध, डेटा विश्लेषण और डिजिटल पत्रकारिता से जुड़ी नई क्षमताएं विकसित कीं।
23 शहरों के प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में देश के 23 शहरों से 110 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें 100 से अधिक समाचार कक्ष, मीडिया कॉलेज और सार्वजनिक संचार संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल थे।
कार्यक्रम के दौरान प्रत्येक प्रतिभागी को 40 घंटे से अधिक का AI प्रशिक्षण और व्यक्तिगत मार्गदर्शन प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के परिणामस्वरूप प्रतिभागियों ने 170 से अधिक AI आधारित परियोजनाएं और कई प्रकाशित कार्य तैयार किए। इसके अलावा प्रतिभागियों द्वारा 50 से अधिक AI आधारित एप्लिकेशन और डिजिटल समाधान भी विकसित किए गए, जो मीडिया क्षेत्र में AI के बढ़ते उपयोग को दर्शाते हैं।
AI सहायक है, विकल्प नहीं: चंचल कुमार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सूचना एवं प्रसारण सचिव चंचल कुमार ने कहा कि AI मीडिया क्षेत्र के लिए एक बड़ा अवसर है, लेकिन इसे मानवीय निर्णय और संपादकीय जिम्मेदारी का विकल्प नहीं माना जा सकता, साथ ही उन्होंने कहा कि AI कार्यों की गति बढ़ा सकता है, सामग्री निर्माण को अधिक प्रभावी बना सकता है और रचनात्मकता को नई दिशा दे सकता है, लेकिन पत्रकारिता की विश्वसनीयता, सटीकता और प्रामाणिकता हमेशा सबसे महत्वपूर्ण रहेंगी।
उन्होंने जोर देकर कहा कि AI युग में पत्रकारों, संपादकों और मीडिया शिक्षकों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाएगी, क्योंकि अंतिम निर्णय और जिम्मेदारी इंसानों की ही होगी।
शिक्षा और मीडिया के भविष्य की ओर बड़ा कदम
AIME अकादमी का शुभारंभ भारत में मीडिया शिक्षा के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। यह पहल न केवल छात्रों और मीडिया पेशेवरों को AI तकनीकों से जोड़ने का काम करेगी, बल्कि जिम्मेदार और नैतिक AI उपयोग की संस्कृति को भी बढ़ावा देगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में यह अकादमी भारत में AI आधारित मीडिया शिक्षा, शोध और नवाचार का प्रमुख केंद्र बन सकती है तथा मीडिया उद्योग को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।