बैठक में स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव संजय कुमार, CBSE अध्यक्ष राहुल सिंह, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास के निदेशक प्रो. वी. कामाकोटी, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर के निदेशक, शिक्षा मंत्रालय और केंद्रीय विद्यालय संगठन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इसके अलावा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया।
छात्रों की समस्याओं के त्वरित समाधान पर जोर
बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि छात्रों की सभी समस्याओं का समाधान समय पर, पारदर्शी और छात्र हित को ध्यान में रखते हुए किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार एक ऐसी परीक्षा प्रणाली बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जो पूरी तरह पारदर्शी, जवाबदेह और छात्र-केंद्रित हो। उन्होंने छात्रों और अभिभावकों को भरोसा दिलाया कि उनकी हर वास्तविक समस्या का जल्द और प्रभावी समाधान किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने रिजल्ट के बाद मिलने वाली सेवाओं की भी समीक्षा की। इसमें छात्र सहायता प्रणाली को मजबूत बनाना, मूल्यांकन और निगरानी प्रक्रिया को बेहतर करना, CBSE के डिजिटल प्लेटफॉर्म को अधिक सक्षम बनाना और परीक्षा संबंधी सेवाओं को छात्रों के लिए आसान और तेज बनाना शामिल था।
बैठक में जानकारी दी गई कि इस वर्ष कक्षा 12 की परीक्षा में लगभग 18 लाख छात्र शामिल हुए। इन परीक्षाओं में करीब 98 लाख उत्तर पुस्तिकाएं जांची गईं और लगभग 40 करोड़ पन्नों को स्कैन किया गया। अब तक लगभग 4 लाख छात्रों ने पोर्टल के जरिए करीब 11 लाख स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं तक पहुंच प्राप्त की है।
डिजिटल शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की तैयारी
शिक्षा मंत्री ने डिजिटल शिक्षा ढांचे को और मजबूत बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में परीक्षा और मूल्यांकन से जुड़ी सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एडवांस डेटा मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग बढ़ाया जाएगा, ताकि छात्रों को तेज, सटीक और पारदर्शी सेवाएं मिल सकें।
इसके साथ ही मंत्रालय ने छात्रों और अभिभावकों के लिए हेल्पलाइन और ऑनलाइन सपोर्ट सिस्टम को और बेहतर बनाने की योजना पर भी चर्चा की। इससे परीक्षा, रिजल्ट, री-इवैल्यूएशन और दस्तावेज़ संबंधी सेवाओं को अधिक सरल और छात्र-अनुकूल बनाया जाएगा।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि विद्यार्थियों के हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिस्टम के भीतर या बाहर किसी भी स्तर पर हुई चूक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पोर्टल समस्याओं को दूर करने के लिए विशेषज्ञ टीम गठित
शिक्षा मंत्री ने परीक्षाोत्तर सेवा पोर्टल पर छात्रों को आ रही समस्याओं, जैसे लॉगिन में दिक्कत, सर्वर पर अधिक दबाव और ऑनलाइन भुगतान में परेशानी का भी संज्ञान लिया। इन तकनीकी चुनौतियों को गंभीरता से लेते हुए विशेषज्ञों की एक तकनीकी टीम बनाई गई है।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास के प्रोफेसरों और डिजिटल सिस्टम विशेषज्ञों की यह टीम पोर्टल की स्थिरता, सर्वर क्षमता, लॉगिन मैनेजमेंट और पेमेंट गेटवे सिस्टम की समीक्षा करेगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्रों को बिना किसी रुकावट के तेज और सुचारु ऑनलाइन सेवाएं मिल सकें।
साथ ही शिक्षा मंत्रालय ने कहा है कि वह पूरी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और छात्रों को बेहतर डिजिटल सेवाएं देने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।