दुनिया के शीर्ष 50 शिक्षण और रिसर्च संस्थानों में शामिल यूनिवर्सिटी ऑफ क्वींसलैंड (UQ) के इस दौरे का नेतृत्व चांसलर पीटर एन वर्गीज AO और प्रेसिडेंट एवं वाइस-चांसलर प्रोफेसर डेबोरा टेरी AC ने किया। इस यात्रा ने भारत के प्रति UQ के रणनीतिक फोकस और शिक्षा, अनुसंधान तथा नवाचार के जरिए भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दोहराया।
प्रतिनिधिमंडल ने ऑस्ट्रेलियाई उच्चायोग, चेन्नई में स्थित ऑस्ट्रेलियाई वाणिज्य दूतावास, प्रिंसिपल साइंटिफिक एडवाइजर कार्यालय और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) सहित कई सरकारी और राजनयिक संस्थाओं से मुलाकात की। इन बैठकों में नई साझेदारियों के अवसरों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।

IIT दिल्ली के साथ रिसर्च सहयोग को मिला विस्तार
इस दौरे में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली के साथ विशेष बैठक भी शामिल रही। IIT दिल्ली, UQ का लंबे समय से साझेदार है और दोनों संस्थानों ने मिलकर UQ-IITD रिसर्च अकादमी की स्थापना की थी। बैठक में फैकल्टी एक्सचेंज, संयुक्त रिसर्च और इंडस्ट्री सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। साथ ही अकादमी साझेदारी को अगले पांच वर्षों के लिए नवीनीकृत किया गया। यह अकादमी ऑस्ट्रेलिया-भारत रिसर्च सहयोग का प्रमुख उदाहरण मानी जाती है, जहां 133 शोधार्थी पीएचडी कर रहे हैं और अब तक 23 छात्र ग्रेजुएट हो चुके हैं।
UQ ने लेडी श्री राम कॉलेज फॉर वूमेन के साथ नया समझौता किया, जिसके तहत शैक्षणिक आदान-प्रदान और अंतरराष्ट्रीय शिक्षा सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा SRM इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी और वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के साथ साझेदारी को भी मजबूत किया गया। SRMIST और VIT के 200 से अधिक छात्र पहले ही UQ से जुड़ चुके हैं। इन सहयोगों का फोकस विज्ञान, बायोटेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में रिसर्च और छात्र आदान-प्रदान को बढ़ाना है।
प्रतिनिधिमंडल ने IDP एजुकेशन, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास और आशा कम्युनिटी हेल्थ एंड डेवलपमेंट सोसाइटी के साथ भी बैठक की। इन चर्चाओं में रिसर्च सहयोग और छात्र गतिशीलता बढ़ाने के नए अवसरों पर विचार किया गया। चेन्नई में यूनिवर्सिटी ने उद्योग जगत के नेताओं के साथ एक राउंडटेबल चर्चा भी आयोजित की, जिसमें भविष्य के लिए तैयार प्रतिभाओं के विकास और रिसर्च को उद्योग से जोड़ने पर जोर दिया गया।

भारत में UQ एलुमनाई नेटवर्क लगातार मजबूत
नई दिल्ली में आयोजित एलुमनाई और फ्रेंड्स रिसेप्शन में पूर्व छात्रों, साझेदारों और अन्य हितधारकों ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारत में यूनिवर्सिटी की बढ़ती उपस्थिति को मजबूत करना और आपसी संबंधों को और बेहतर बनाना था। वर्तमान में भारत में UQ के लगभग 3,000 पूर्व छात्र हैं, जो दोनों देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
UQ की प्रेसिडेंट और वाइस-चांसलर प्रोफेसर डेबोरा टेरी AC ने कहा कि UQ-IITD रिसर्च अकादमी में आयोजित रिसर्च शोकेस ने यह साबित किया है कि मजबूत और लंबे समय तक चलने वाले सहयोग से बड़े परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऊर्जा, स्थिरता, डिजिटल टेक्नोलॉजी, स्वास्थ्य और बायोमेडिकल साइंस जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच व्यापक रिसर्च सहयोग देखने को मिला है।
उन्होंने कहा कि भारत में UQ की साझेदारियां केवल रिसर्च तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इसका उद्देश्य ऐसे वैश्विक शोधकर्ताओं की नई पीढ़ी तैयार करना है, जो विभिन्न देशों, विषयों और उद्योगों के साथ मिलकर काम कर सकें। उन्होंने कहा कि यह सहयोग भविष्य की जटिल चुनौतियों का समाधान निकालने में मदद करेगा।
भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को नई मजबूती
वर्तमान में UQ के भारत की 30 संस्थाओं के साथ 43 सक्रिय समझौते हैं। इनमें संयुक्त रिसर्च, छात्र आदान-प्रदान, ड्यूल और जॉइंट डिग्री प्रोग्राम तथा इंडस्ट्री सहयोग शामिल हैं।
UQ के चांसलर पीटर एन वर्गीज AO ने कहा कि यह दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रणनीतिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय दोनों देशों के बीच क्षमता निर्माण, शोध और दीर्घकालिक संबंध मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि भारत के साझेदार संस्थानों के साथ हुई चर्चाओं से यह स्पष्ट हुआ है कि दोनों देश मिलकर साझा चुनौतियों का समाधान करना और नए अवसरों का लाभ उठाना चाहते हैं, जिससे दोनों देशों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।

वैश्विक रैंकिंग में मजबूत हुई UQ की स्थिति
यह दौरा UQ चांसलर के रूप में पीटर वर्गीज की भारत में अंतिम आधिकारिक यात्रा भी रही। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने भारत-ऑस्ट्रेलिया शैक्षणिक और रिसर्च संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वह पहले भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त और ऑस्ट्रेलियाई विदेश एवं व्यापार विभाग के सचिव भी रह चुके हैं।
UQ लगातार दुनिया की शीर्ष यूनिवर्सिटीज में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में इसे दुनिया में 42वां स्थान मिला है। वहीं TIME मैगजीन की “World’s Top Universities 2026” रैंकिंग में इसे ऑस्ट्रेलिया की शीर्ष यूनिवर्सिटी और दुनिया में 38वां स्थान दिया गया है।