ईवी चार्जिंग में कर्नाटक देश में दूसरे नंबर पर

ईवी चार्जिंग में कर्नाटक देश में दूसरे नंबर पर

ईवी चार्जिंग में कर्नाटक देश में दूसरे नंबर पर
कर्नाटक में 6,805 ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित हो चुके हैं, जिससे राज्य देश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है।

कर्नाटक इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में देश के प्रमुख राज्यों में शामिल हो गया है। भारी उद्योग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 29 जुलाई 2026 तक राज्य में कुल 6,805 EV चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं। इसके साथ कर्नाटक देश में ईवी चार्जिंग स्टेशनों की संख्या के मामले में महाराष्ट्र के बाद दूसरे स्थान पर है।

राज्यसभा में 7 अगस्त को दिए गए जवाब के अनुसार, महाराष्ट्र में 6,985 चार्जिंग स्टेशन हैं, जो कर्नाटक से 180 अधिक हैं। देशभर में कुल 52,718 EV चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं, जिसमें कर्नाटक की हिस्सेदारी करीब 13% है। दक्षिण भारत के अन्य राज्यों में तमिलनाडु में 3,839, तेलंगाना में 3,739, केरल में 3,399 और आंध्र प्रदेश में 1,976 स्टेशन हैं।

राष्ट्रीय स्तर पर उत्तर प्रदेश में 4,493 ईवी चार्जिंग स्टेशन हैं, जबकि राजस्थान में 2,827 स्टेशन हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि फास्ट और स्लो चार्जिंग स्टेशनों की संख्या का केंद्रीकृत डेटा उपलब्ध नहीं है। EV चार्जिंग स्टेशन स्थापित करना लाइसेंस आधारित गतिविधि नहीं है और निजी कंपनियां बिजली मंत्रालय के 17 सितंबर 2024 के दिशानिर्देशों के तहत इन्हें स्थापित कर सकती हैं।

सरकार के अनुसार, PM E-DRIVE योजना के तहत केंद्रीय मंत्रालयों, केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तथा उनके सार्वजनिक उपक्रमों को सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए प्रस्ताव देने की अनुमति है। ये संस्थाएं चार्जिंग स्टेशन खुद संचालित कर सकती हैं या चार्ज पॉइंट ऑपरेटरों की सेवाएं ले सकती हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक, कर्नाटक के मजबूत ईवी चार्जिंग नेटवर्क के पीछे राज्य की शुरुआती और सक्रिय 2017 EV नीति की अहम भूमिका रही है। परिवहन विशेषज्ञ एम.एन. श्रीहरी ने कहा कि अब केवल चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाने के बजाय उनकी विश्वसनीयता, इंटरऑपरेबिलिटी, चार्जिंग टैरिफ के मानकीकरण और रियल-टाइम उपलब्धता पर ध्यान देना जरूरी है। साथ ही, चार्जिंग नेटवर्क को बड़े शहरों से आगे हाईवे और इंटर-सिटी रूट्स तक बढ़ाने से EV अपनाने और रेंज एंग्जायटी कम करने में मदद मिलेगी।

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