इस पहल के जरिए राज्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम से व्यवस्थित तरीके से फीडबैक लिया जाएगा और उसी आधार पर भविष्य की नीतियां बनाई जाएंगी। इस कदम के साथ कर्नाटक देश का पहला राज्य बन गया है जिसने स्टार्टअप नीतियां बनाने के लिए डेटा और रिसर्च पर आधारित एक व्यवस्थित प्रक्रिया अपनाई है। इसमें सीधे तौर पर स्टार्टअप फाउंडर्स, निवेशकों और छात्रों की राय ली जाएगी, ताकि नीतियां वास्तविक जरूरतों के अनुसार तैयार की जा सकें।
यह 'MoU Department of Information Technology and Biotechnology' द्वारा साइन किया गया है। इस पहल के तहत एक व्यापक और प्राइवेसी-फर्स्ट रिसर्च प्रोजेक्ट चलाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट में Jupiter Meta के ऑटोनॉमस रिसर्च प्लेटफॉर्म Hercules का उपयोग किया जाएगा, जो स्टार्टअप इकोसिस्टम के 2,000 से अधिक लोगों से जानकारी और सुझाव जुटाएगा।
अधिकारियों के अनुसार इस पहल का उद्देश्य स्टार्टअप से जुड़ी महत्वपूर्ण नीतिगत जरूरतों पर रियल-टाइम फीडबैक लेना है। इसमें फंडिंग तक पहुंच, नियामक ढांचा, प्रतिभा को बनाए रखना और स्टार्टअप के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी प्रमुख बातों पर सुझाव लिए जाएंगे।
इस पहल की जानकारी सोशल मीडिया पर देते हुए कर्नाटक के इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी/बीटी और ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री Priyank Kharge ने कहा कि यह अध्ययन राज्य की स्टार्टअप नीतियों को और बेहतर बनाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि यह रिसर्च सीधे फाउंडर्स, निवेशकों और छात्रों की राय सुनेगा और उसी आधार पर स्टार्टअप कार्यक्रमों को बेहतर बनाया जाएगा, जिससे कर्नाटक में उच्च गुणवत्ता वाले स्टार्टअप का विकास तेज हो सकेगा।
इस समझौते के तहत राज्य के स्टार्टअप फाउंडर्स और वेंचर कैपिटल निवेशकों को भी स्टार्टअप पॉलिसी मैनिफेस्टो तैयार करने की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। वे प्लेटफॉर्म के जरिए अपने सुझाव और अनुभव साझा कर सकेंगे।
इस साझेदारी पर मनसा राजन को-फाउंडर और सीईओ, Jupiter Meta ने कहा कि यह पहल नीति निर्माण के एक नए तरीके को दर्शाती है। उनके अनुसार अब नीतियां सिर्फ मीटिंग रूम में नहीं बनेंगी, बल्कि उन हजारों फाउंडर्स के अनुभवों से तैयार होंगी जो भारत के भविष्य का निर्माण कर रहे हैं। उन्होंने इसे “गवर्नेंस में डेटा डिग्निटी मूवमेंट” की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम बताया।
यह सहयोग डेटा प्राइवेसी पर भी विशेष ध्यान देता है। रिसर्च प्लेटफॉर्म में Zero‑Knowledge Proofs और Blockchain जैसी तकनीकों का उपयोग किया जाता है, जिससे फाउंडर्स अपनी जानकारी साझा करते समय संवेदनशील या प्रतिस्पर्धात्मक डेटा को सुरक्षित रख सकते हैं।
Hercules प्लेटफॉर्म अपने SuperJ सर्वे नेटवर्क के जरिए ब्रांड्स और रिसर्चर्स को सत्यापित उपभोक्ता डेटा उपलब्ध कराता है। इसके नेटवर्क में 2 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता जुड़े हुए हैं। इस प्लेटफॉर्म के एंटरप्राइज क्लाइंट्स में Asian Paints, ICICI Bank, Hindustan Unilever, State Bank of India और Amul जैसे बड़े नाम शामिल हैं।