इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व Motilal Oswal Alternates, Hornbill Capital और MUFG समर्थित Dragon Funds ने किया। इसके अलावा WhiteOak Capital, A.P. Moller Holding और मौजूदा निवेशक Premji Invest और Advent International ने भी इसमें भाग लिया।
KreditBee की स्थापना 2016 में मधुसूदन ई., कार्तिकेयन कृष्णस्वामी और विवेक वेदा ने की थी। कंपनी अपने RBI-रजिस्टर्ड NBFC KrazyBee Services Limited के जरिए लोन देती है और 10 से ज्यादा वित्तीय संस्थानों के साथ को-लेंडिंग पार्टनरशिप में काम करती है।
कंपनी का कहना है कि वह इस नई फंडिंग का उपयोग अपने लोन पोर्टफोलियो को बढ़ाने, टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म को मजबूत करने और प्रमुख बाजारों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए करेगी। साथ ही, कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग बढ़ाकर रिस्क असेसमेंट बेहतर करने और ग्राहकों को पर्सनलाइज्ड फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स देने की योजना बना रही है।
KreditBee के ऐप को अब तक 230 मिलियन से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है और यह 18 मिलियन से अधिक यूनिक लोन ग्राहकों को सेवाएं दे रही है। कंपनी ने पूरे भारत में 60 मिलियन से ज्यादा लोन वितरित किए हैं और मार्च 2026 तक इसके पास लगभग 1.5 बिलियन डॉलर की एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) है।
कंपनी के प्रोडक्ट्स में पर्सनल लोन, बिजनेस लोन, प्रॉपर्टी के बदले लोन और टू-व्हीलर लोन शामिल हैं। इसके अलावा यह क्रेडिट रिपोर्ट सर्विस और UPI आधारित प्रोडक्ट्स भी प्रदान करती है।
इससे पहले, जनवरी 2023 में कंपनी ने सीरीज़ डी राउंड के तहत 100 मिलियन डॉलर जुटाए थे, जिसकी अगुवाई Advent International ने की थी। उस समय कंपनी की वैल्यूएशन करीब 700-800 मिलियन डॉलर थी।
इस नई फंडिंग के साथ KreditBee साल 2026 का तीसरा यूनिकॉर्न बन गया है, इससे पहले Neysa और Juspay यूनिकॉर्न बन चुके हैं।