बेंगलुरु में स्थित यह स्टार्टअप यूटिलिटी सेक्टर के लिए ऑपरेशंस इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म प्रदान करता है। इससे पहले कंपनी ने 2020 में Start Up O Ventures से 1 करोड़ रुपये और 2022 में Indian Angel Network और Startup O सहित अन्य निवेशकों से 5 करोड़ रुपये जुटाए थे।
नई फंडिंग का उपयोग कंपनी अपने वैश्विक बाजार (ग्लोबल मार्केट) में विस्तार करने, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) क्षमताओं को बेहतर बनाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने में करेगी।
WorkOnGrid की स्थापना उदित पोद्दार, श्रेयांश जैन, आयुष अग्रवाल और शौर्य पोद्दार ने की थी। यह प्लेटफॉर्म बिजली, पानी और गैस जैसे क्षेत्रों में काम करने वाली यूटिलिटी कंपनियों के लिए बनाया गया है। इसका सिस्टम रियल-टाइम डेटा इंटीग्रेशन, प्रेडिक्टिव एनालिसिस और वर्कफ्लो ऑटोमेशन की सुविधा देता है, जिससे कंपनियां बेहतर निर्णय ले सकें।
यह स्टार्टअप यूटिलिटी कंपनियों की समस्याओं को हल करने का प्रयास कर रहा है, जैसे अलग-अलग जगहों पर बिखरा हुआ डेटा और बढ़ती ऑपरेशनल जटिलताएं। इसके लिए यह एक ऐसा यूनिफाइड डेटा प्लेटफॉर्म बना रहा है, जो स्मार्ट मीटर, सेंसर, जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम (GIS) और फाइनेंशियल प्लेटफॉर्म से डेटा को एक जगह जोड़ता है।
कंपनी के अनुसार, इसका प्लेटफॉर्म यूजर्स को तेजी से जानकारी (इंसाइट्स) उपलब्ध कराता है और कई प्रक्रियाओं को ऑटोमेट करने में मदद करता है। इसमें डेटा स्टोरेज, एनालिटिक्स और ऑपरेशनल टूल्स को एक साथ जोड़ा गया है, जिससे यूटिलिटी कंपनियां पारंपरिक तरीकों से हटकर ज्यादा स्मार्ट और प्रेडिक्टिव तरीके से काम कर सकें।
WorkOnGrid का कहना है कि वह वर्तमान में दुनिया भर की 20 से अधिक यूटिलिटी कंपनियों के साथ काम कर रहा है और लाखों स्मार्ट मीटर से जुड़े डेटा को संभाल रहा है, साथ ही अन्य ऑपरेशनल और एसेट से जुड़ी जानकारी को भी मैनेज कर रहा है।