अमेरिकी सेमीकंडक्टर इक्विपमेंट कंपनी Lam Research Corporation ने भारत में अगले कुछ वर्षों के दौरान करीब ₹10,000 करोड़ (लगभग $1.2 बिलियन) निवेश करने की योजना की घोषणा की है। इस निवेश के तहत कंपनी देश में अपनी पहली सिलिकॉन कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्थापित करेगी और रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) ऑपरेशंस का विस्तार करेगी।
प्रस्तावित मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में वर्टिकली इंटीग्रेटेड प्रक्रिया विकसित की जाएगी, जिसमें सिलिकॉन इनगॉट का उत्पादन और प्रोसेसिंग शामिल होगी। यह सुविधा एडवांस्ड सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी और लेटेस्ट चिप नोड्स के लिए कंपोनेंट्स को सपोर्ट करेगी।
मैन्युफैक्चरिंग के साथ-साथ Lam Research अपने India Center for Engineering के जरिए R&D क्षमताओं को भी बढ़ाएगी। यह सेंटर ग्लोबल कस्टमर प्रोग्राम्स के लिए डिजाइन, टेस्टिंग, वैलिडेशन और नेक्स्ट-जेनरेशन टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट से जुड़े कामों को सपोर्ट करता है।
यह निवेश भारत में Lam Research की 25 साल की मौजूदगी पर आधारित है। कंपनी के अनुसार, इस विस्तार से स्पेशलाइज्ड मटेरियल, प्रिसीजन कंपोनेंट्स, गैस, केमिकल्स, मेट्रोलॉजी सॉल्यूशंस और मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज से जुड़े स्थानीय सप्लायर्स के साथ साझेदारी के अवसर भी बढ़ेंगे।
कंपनी ने Indian Institute of Science (IISc) और India Semiconductor Mission के साथ साझेदारी भी की है। इसके तहत लैम रिसर्च के सेमीवर्स सॉल्यूशंस वर्चुअल प्लेटफॉर्म के जरिए 60,000 तक छात्रों को ट्रेनिंग देने का लक्ष्य है। यह घोषणा Semicon India 2026 से पहले की गई है और भारत में कंपनी के लॉन्ग-टर्म विस्तार के अगले चरण को दर्शाती है।
लैम रिसर्च इंडिया के कॉर्पोरेट वाइस प्रेसिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर रंगेश राघवन ने कहा कि भारत कंपनी की ग्लोबल इनोवेशन और ग्रोथ स्ट्रैटेजी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।