National Stock Exchange of India Limited (NSE) ने अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी IPO से पहले एंकर निवेशकों से 6,746.18 करोड़ रुपये जुटाए हैं। कंपनी ने एक्सचेंजों को दी जानकारी में बताया कि 1,785 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर 37,793,739 इक्विटी शेयर आवंटित किए गए हैं।
एंकर बुक में अमेरिका, यूरोप और एशिया समेत अलग-अलग क्षेत्रों के 150 से अधिक निवेशकों ने रुचि दिखाई। फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने मांग में बड़ी हिस्सेदारी निभाई। इसमें 20 से अधिक फॉरेन लॉन्ग-ओनली फंड्स ने भाग लिया। FPIs ने करीब 2,883 करोड़ रुपये का निवेश किया, जो कुल एंकर बुक का लगभग 43% है। इसमें GIC Singapore, ADIA और Norges Bank जैसे सॉवरेन वेल्थ फंड्स के साथ Fidelity, GSAM, Eastspring और HSBC GAM भी शामिल रहे।
घरेलू निवेशकों की भागीदारी म्यूचुअल फंड्स, इंश्योरेंस कंपनियों और पेंशन फंड्स के एक विविध समूह से रही। इसमें SBI Mutual Fund, ICICI Prudential, HDFC MF, Nippon MF, Axis MF, Aditya Birla MF, Kotak MF, UTI MF, Mirae MF, Tata MF, Franklin Templeton MF, Edelweiss MF, HSBC MF और LIC MF शामिल हैं। LIC, HDFC Life, SBI Life और SBI General जैसी प्रमुख इंश्योरेंस कंपनियों के साथ कई प्रमुख पेंशन फंड्स ने भी निवेश किया। 25 से अधिक घरेलू म्यूचुअल फंड्स और 11 घरेलू इंश्योरेंस व पेंशन कंपनियों ने करीब 3,588 करोड़ रुपये का निवेश किया, जो कुल एंकर बुक का लगभग 53% है।
NSE, LIC की टॉप 5 होल्डिंग्स में शामिल है। LIC फिलहाल NSE की सबसे बड़ी शेयरधारक है और उसकी 10.72% हिस्सेदारी है। यह हिस्सेदारी IPO के कुल ऑफर साइज से भी बड़ी है। LIC ने तीन संस्थाओं - LIC, LIC Mutual Fund और LIC Pension Fund के जरिए एंकर बुक में भाग लिया और 500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया। NSE में 1% हिस्सेदारी बेच रहे SBI Group ने भी SBI Bank और SBI Capital के जरिए एंकर बुक में निवेश किया। SBI Mutual Fund, SBI General, SBI Life और SBI Pension के माध्यम से SBI Group ने 400 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया।
NSE के कई मौजूदा प्राइवेट निवेशकों ने भी एंकर अलॉटमेंट के तहत कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है।