भारत की सबसे बड़ी लैब-ग्रोन डायमंड ज्वेलरी ब्रांड Limelight Lab Grown Diamonds ने अपनी इन-हाउस डायमंड ग्रोइंग और मैन्युफैक्चरिंग में विस्तार की घोषणा की है। यह कदम कंपनी की वर्टिकल इंटीग्रेशन रणनीति का हिस्सा है। इसके साथ ही, कंपनी ने अपनी अगली विकास योजना के समर्थन के लिए ₹250 करोड़ का फंड रेज़ किया है।
कंपनी के अनुसार, इस वर्टिकल इंटीग्रेशन से थर्ड-पार्टी सप्लायर्स पर निर्भरता कम होगी, लागत में दक्षता बढ़ेगी, और उत्पाद विकास तेजी से होगा, साथ ही गुणवत्ता और ट्रैसेबिलिटी सुनिश्चित होगी।
नए जुटाए गए फंड का उपयोग रिटेल विस्तार को तेज़ करने, डिजाइन क्षमताओं को मजबूत करने और लंबे समय तक श्रेणी नेतृत्व बनाए रखने के लिए किया जाएगा। Limelight की योजना है कि 2027 तक इसका रिटेल नेटवर्क 200 स्टोर तक बढ़ जाए।
कंपनी की संस्थापक Pooja Madhavan ने कहा कि वर्टिकल इंटीग्रेशन से कंपनी को पूरे वैल्यू चैन में अधिक नियंत्रण मिलेगा और लैब-ग्रोन डायमंड सेगमेंट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच जिम्मेदार विकास संभव होगा।
भारत में लैब-ग्रोन डायमंड में रुचि लगातार बढ़ रही है, खासकर पारदर्शिता, स्थिरता और मूल्य-आधारित फाइन ज्वेलरी की मांग के कारण। Limelight के सप्लाई-चेन इंटीग्रेशन और ब्रांड-बिल्डिंग में निवेश इसे इस सेगमेंट की अच्छी तरह से कैपिटलाइज्ड कंपनियों में शामिल करता है।
मुंबई मुख्यालय वाली Limelight CVD लैब-ग्रोन डायमंड ज्वेलरी में विशेषज्ञ है, और इसके उत्पादों में सोलिटेयर, रोज़ाना पहनने वाली फाइन ज्वेलरी और स्टेटमेंट पीसेज़ शामिल हैं।