EV इंश्योरेंस में FY26 में 670% की रिकॉर्ड वृद्धि

EV इंश्योरेंस में FY26 में 670% की रिकॉर्ड वृद्धि

EV इंश्योरेंस में FY26 में 670% की रिकॉर्ड वृद्धि
पॉलिसीबाज़ार की FY26 रिपोर्ट के अनुसार, भारत के मोटर इंश्योरेंस बाजार में गैर-मेट्रो शहरों और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बीमा की बढ़ती मांग के चलते मजबूत वृद्धि दर्ज की गई।

भारत के मोटर इंश्योरेंस बाजार में FY26 के दौरान लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। पॉलिसीबाज़ार (Policybazaar) की नई रिपोर्ट के अनुसार, गैर-मेट्रो शहरों में बढ़ती इंश्योरेंस जागरूकता और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए तेजी से बढ़ती बीमा मांग ने इस वृद्धि को प्रमुख रूप से आगे बढ़ाया है। रिपोर्ट के मुताबिक FY26 में इंश्योर्ड कार वॉल्यूम में सालाना 8% की वृद्धि हुई, जबकि टू-व्हीलर और कमर्शियल व्हीकल इंश्योरेंस सेगमेंट में क्रमशः 11% और 13% का विस्तार दर्ज किया गया।

रिपोर्ट में बताया गया कि मोटर इंश्योरेंस ग्रोथ अब केवल मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं रही। गैर-मेट्रो बाजारों में इंश्योर्ड कारों की वृद्धि 15% रही, जबकि मेट्रो शहरों में यह आंकड़ा 8% रहा। टियर-2 और टियर-3 शहर अब देश के कुल इंश्योर्ड कार बाजार का 77% हिस्सा बन चुके हैं, जो पिछले वर्ष 75% था। रिपोर्ट के अनुसार, छोटे शहरों में डिजिटल अपनाने और बीमा जागरूकता बढ़ने से यह रुझान मजबूत हुआ है।

इलेक्ट्रिक वाहन बीमा FY26 का सबसे तेजी से बढ़ने वाला सेगमेंट बनकर उभरा। 2025 से 2026 के बीच ईवी  इंश्योरेंस पॉलिसियों में 670% की भारी वृद्धि दर्ज की गई। रिपोर्ट के अनुसार, यह उछाल ईवी अपनाने में तेजी, सस्टेनेबल मोबिलिटी के प्रति बढ़ती जागरूकता और ईवी -केंद्रित बीमा उत्पादों की बढ़ती मांग का परिणाम है।

राज्यों की बात करें तो महाराष्ट्र ईवी इंश्योरेंस अपनाने में सबसे आगे रहा, जहां मुंबई और पुणे प्रमुख ग्रोथ सेंटर बनकर उभरे। राज्य देश के कुल इंश्योर्ड EV कार बाजार का 8% हिस्सा रखता है। वहीं, तेलंगाना ने कुल इंश्योर्ड कारों में 30% सालाना वृद्धि के साथ सबसे तेज ग्रोथ दर्ज की।

वित्तीय वर्ष 26 (FY26) में पेट्रोल वाहन अभी भी इंश्योर्ड वाहनों में सबसे बड़ा हिस्सा रखते हैं, जिनकी हिस्सेदारी 68.3% रही। इसके बाद डीजल वाहनों का हिस्सा 24.7%, सीएनजी वाहनों का 5.8%, ईवी का 1% और एलपीजी वाहनों का 0.2% रहा।

रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि मेट्रो शहरों में मोटर इंश्योरेंस क्लेम का सबसे बड़ा कारण छोटे-मोटे सड़क हादसे और ट्रैफिक से जुड़ी क्षति रही। इसके अलावा विंडशील्ड डैमेज, बंपर स्क्रैच, बाढ़ के दौरान इंजन डैमेज और पार्किंग से जुड़े नुकसान भी प्रमुख कारण रहे।

इंश्योरेंस ऐड-ऑन में रोडसाइड असिस्टेंस (RSA) और जीरो डेप्रिसिएशन (ZD) कवर ग्राहकों के बीच सबसे लोकप्रिय विकल्प बनकर उभरे। वाहन खरीदने के शुरुआती तीन वर्षों में 89% ग्राहकों ने RSA कवर चुना, जबकि 87% ग्राहकों ने ZD कवर को प्राथमिकता दी।

पारस पसरीचा (Paras Pasricha), हेड ऑफ मोटर इंश्योरेंस, पॉलिसीबाजार ने कहा, “भारत का मोटर इंश्योरेंस बाजार अब अधिक परिपक्व और उपभोक्ता-केंद्रित चरण में प्रवेश कर रहा है। सबसे मजबूत वृद्धि गैर-मेट्रो भारत, ईवी -केंद्रित बीमा जरूरतों, लंबी अवधि की व्यापक योजनाओं और ऐड-ऑन आधारित कस्टमाइजेशन से आ रही है।”

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