सरकार बनाएगी क्रिटिकल मिनरल रिसाइक्लिंग के लिए इंसेंटिव स्कीम

सरकार बनाएगी क्रिटिकल मिनरल रिसाइक्लिंग के लिए इंसेंटिव स्कीम

सरकार बनाएगी क्रिटिकल मिनरल रिसाइक्लिंग के लिए इंसेंटिव स्कीम
केंद्र सरकार ने क्रिटिकल मिनरल डेवलपमेंट के लिए करीब 34,000 करोड़ रुपये आवंटित किए; एमआरएआई ने मेटल स्क्रैप पर कस्टम ड्यूटी और GST में राहत की मांग की।

केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा है कि केंद्र सरकार क्रिटिकल मिनरल रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देने के लिए एक इंसेंटिव स्कीम तैयार कर रही है। सरकार ने क्रिटिकल मिनरल के विकास के लिए करीब ₹34,000 करोड़ का आवंटन किया है।

मैटिरियल रिसाइक्लिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया (MRAI) द्वारा आयोजित भारत के क्रिटिकल मिनरल रिसाइक्लिंग इकोसिस्टम पर राष्ट्रीय सेमिनार में बोलते हुए मंत्री ने कहा कि उद्योग से जुड़े हितधारकों की नीतिगत मांगों पर सरकार तेजी से विचार करेगी।

रेड्डी ने कहा कि भारत में औद्योगिक कचरे और इस्तेमाल हो चुके उत्पादों से क्रिटिकल मिनरल्स निकालकर इनकी सेकेंडरी सप्लाई विकसित करने की बड़ी संभावना है। इससे पारंपरिक माइनिंग पर निर्भरता कम करने के साथ पर्यावरणीय प्रभाव को भी घटाया जा सकता है।

सरकार ने प्रमुख संस्थानों में Centres of Excellence स्थापित करने का भी प्रस्ताव रखा है। इन केंद्रों के जरिए मिनरल रिकवरी और प्रोसेसिंग से जुड़ी नई तकनीकों पर रिसर्च को बढ़ावा दिया जाएगा।

एमआरएआई (MRAI) ने सरकार से Pre-shipment Inspection Certificate (PSIC) की अनिवार्यता खत्म करने की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि विदेशी एजेंसियों पर निर्भर मौजूदा व्यवस्था के कारण स्क्रैप आयात की प्रक्रिया में देरी और प्रक्रियात्मक बाधाएं पैदा होती हैं।

एमआरएआई (MRAI) के प्रेजिडेंट संजय मेहता ने कहा कि उद्योग कम निरीक्षण नहीं, बल्कि एक मजबूत और सुरक्षित निरीक्षण व्यवस्था चाहता है। उनके अनुसार, भारत के बंदरगाहों पर पहले से मौजूद स्कैनिंग और वेरिफिकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल करके देश के भीतर ही स्क्रैप कंसाइनमेंट की जांच की जा सकती है।

एमआरएआई (MRAI) ने एल्युमिनियम स्क्रैप और कपरो-निकल अलॉय स्क्रैप पर 2.5% Basic Customs Duty (BCD) हटाने की मांग की है। इसके अलावा एसोसिएशन ने मेटल स्क्रैप पर GST को तर्कसंगत बनाने और आगामी Free Trade Agreements के तहत रिसाइक्लेबल रॉ मटेरियल के लिए जीरो-ड्यूटी प्रावधान की मांग की है।

एसोसिएशन ने रिसाइक्लिंग सेक्टर को Industry Status देने की भी मांग की है, जिससे इस क्षेत्र की कंपनियों के लिए क्रेडिट और वित्तीय सुविधाओं तक पहुंच बेहतर हो सके।

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