AI-मारटेक स्टार्टअप Nitro Commerce ने Zodiac Labs AI का अधिग्रहण किया है। इसका उद्देश्य भारत के तेजी से बढ़ते क्विक कॉमर्स इकोसिस्टम में अपनी पकड़ मजबूत करना और कंज्यूमर ब्रांड्स के लिए AI-आधारित ग्रोथ प्लेटफॉर्म को तेजी से शुरू करना है।
अधिग्रहण के बाद कंपनी “Zodiac by Nitro” नाम का एक AI को-पायलट पेश करेगी। यह ब्रांड्स को Blinkit, Zepto और Swiggy Instamart जैसे प्लेटफॉर्म पर अपनी उपस्थिति को बेहतर तरीके से मैनेज करने और विस्तार करने में मदद करेगा। यह प्लेटफॉर्म ऑटोनॉमस AI एजेंट्स की मदद से हजारों SKU (प्रोडक्ट यूनिट) को ट्रैक करेगा, प्रतिस्पर्धियों की निगरानी करेगा और पिन-कोड स्तर पर रियल-टाइम में मांग का विश्लेषण और ऑप्टिमाइजेशन करेगा।
पिछले कुछ वर्षों में क्विक कॉमर्स डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) ब्रांड्स के लिए एक बड़ा ग्रोथ चैनल बनकर उभरा है। कई कंपनियों के लिए यह 40 से 50 प्रतिशत तक अतिरिक्त राजस्व देने वाला माध्यम बन गया है। हालांकि, खासकर छोटे और मध्यम व्यवसायों के लिए यह समझना मुश्किल होता है कि अलग-अलग जगहों पर स्टॉक उपलब्ध है या नहीं, विज्ञापन पर पैसा कहां बेकार खर्च हो रहा है, या किसी इलाके में प्रतिस्पर्धी प्रोडक्ट उनसे बेहतर प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं।
नई AI प्लेटफॉर्म का लक्ष्य इसी समस्या को हल करना है। यह पारंपरिक डेटा डैशबोर्ड पर निर्भर रहने के बजाय स्वचालित निर्णय लेने की सुविधा देता है। AI सिस्टम अलग-अलग स्रोतों से आने वाले डेटा को एकत्र कर उसे सीधे कार्यों में बदल देता है, जैसे-विज्ञापन बजट को सही जगह पर लगाना, स्टॉक खत्म होने से पहले टीम को अलर्ट भेजना, और कीमत या डिस्काउंट में बदलाव की सलाह देना।
Nitro Commerce के फाउंडर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी उमै़र मोहम्मद ने कहा, “भारतीय कॉमर्स में अब गति ही सबसे बड़ी ताकत बन गई है। कई ब्रांड्स के लिए तेजी से विस्तार करना महंगा और मुश्किल होता है। ऐसे में Zodiac by Nitro एक AI को-पायलट की तरह काम करेगा, जो ब्रांड्स को तेजी से बढ़ने में मदद करेगा। इसके ऑटोनॉमस AI एजेंट्स लगभग 90 प्रतिशत काम खुद संभाल लेते हैं, जिससे ब्रांड्स क्विक कॉमर्स की दौड़ में आगे रह सकते हैं।”
Zodiac Labs AI के, को-फाउंडर और सीटीओ निखिल गर्ग के अनुसार, क्विक कॉमर्स का संचालन काफी जटिल होता है। उन्होंने कहा, “इन्वेंट्री, विज्ञापन खर्च, डिस्काउंट और प्रतिस्पर्धियों की कीमतें हर मिनट बदलती रहती हैं, और यह सब सैकड़ों डार्क स्टोर्स में होता है। ब्रांड्स को कई वेयरहाउस में हजारों प्रोडक्ट्स संभालने पड़ते हैं, जिससे सही निर्णय लेना मुश्किल हो जाता है। Nitro Commerce के साथ जुड़कर हम अपने एजेंटिक AI मॉडल को और बड़े स्तर पर लागू कर पाएंगे और सिर्फ डेटा दिखाने के बजाय वास्तविक परिणाम दे सकेंगे।”
यह अधिग्रहण ऐसे समय में हुआ है जब Nitro Commerce ने हाल ही में 5 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई है और कंपनी ने दस गुना राजस्व वृद्धि के साथ लगभग 5 मिलियन डॉलर की वार्षिक आवर्ती आय (ARR) हासिल की है। कंपनी ने ब्रांड्स के विस्तार को समर्थन देने के लिए GetVantage के साथ 100 करोड़ रुपये के एम्बेडेड कैपिटल प्रोग्राम में भी साझेदारी की है।
जैसे-जैसे क्विक कॉमर्स सिर्फ किराना से आगे बढ़कर इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन और घरेलू उपकरणों तक फैल रहा है, Nitro Commerce ब्रांड्स के लिए AI-आधारित ऑटोमेशन को एक महत्वपूर्ण टूल के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। इससे कंपनियां भारत की तेजी से बढ़ती डार्क स्टोर आधारित क्विक कॉमर्स अर्थव्यवस्था में तेजी से विस्तार कर सकेंगी।