मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि Dalal Street पर किसी भी कंपनी के IPO के लिए इतनी बड़ी संख्या में बुक-रनिंग मैनेजर्स पहली बार नियुक्त किए गए हैं।
नियुक्त किए गए प्रमुख निवेश बैंकों में Kotak Mahindra Capital, ICICI Securities, Axis Capital, JM Financial, IIFL Capital Services, SBI Capital Markets, Avendus Capital और Nuvama Wealth Management शामिल हैं। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय निवेश बैंक जैसे Morgan Stanley India, Citigroup Global Markets India और JPMorgan Chase India भी इस सलाहकार टीम का हिस्सा हैं।
कानूनी सलाह के लिए NSE ने कई प्रमुख लॉ फर्मों को भी चुना है। इनमें Cyril Amarchand Mangaldas, Shardul Amarchand Mangaldas, AZB & Partners, Khaitan & Co, Trilegal और S&R Associates शामिल हैं। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय लॉ फर्म Latham & Watkins और Sidley Austin भी इस प्रक्रिया में सलाह दे रही हैं।
बताया जा रहा है कि यह IPO मुख्य रूप से Offer For Sale (OFS) के रूप में होगा। यानी इसमें मौजूदा शेयरधारक अपने कुछ शेयर बेच सकेंगे, जबकि एक्सचेंज खुद के लिए नया पूंजी (fresh capital) नहीं जुटाएगा।
फरवरी 2026 तक NSE के पास करीब 25 करोड़ ट्रेडिंग अकाउंट और लगभग 12.7 करोड़ यूनिक ग्राहक थे।
वित्तीय प्रदर्शन के मामले में NSE भारत की सबसे मजबूत मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर संस्थाओं में से एक है। FY25 में कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹19,177 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 17% ज्यादा है। इसी दौरान नेट प्रॉफिट ₹12,188 करोड़ रहा, जो इस साल कंपनी के मजबूत ऑपरेशन्स को दिखाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, IPO की तैयारी से साफ संकेत मिलता है कि NSE अब लिस्टिंग की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।