इसके साथ ही कंपनी ने पहले घोषित 300 मिलियन डॉलर (लगभग ₹2,600 करोड़) के फंडिंग राउंड को 1.5 बिलियन डॉलर के वैल्यूएशन पर पूरा कर लिया है। यह जानकारी नियामकीय दस्तावेजों (Regulatory Filings) के जरिए सामने आई है।
फंडिंग की घोषणा के बाद Sarvam AI के सह-संस्थापक प्रत्युष कुमार ने LinkedIn पर कहा कि कंपनी अब अपने हर क्षेत्र में तेजी से विस्तार करेगी। उन्होंने कहा कि उनका सबसे बड़ा लक्ष्य भारत से विश्वस्तरीय (Frontier-Class) AI सिस्टम विकसित करना है। इसके लिए कंपनी मजबूत टीम, कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और डिप्लॉयमेंट नेटवर्क तैयार कर रही है।
पहले चरण के बाद NVIDIA भी बना निवेशक
यह नया निवेश जून में घोषित 234 मिलियन डॉलर (लगभग ₹2,000 करोड़) की पहली फंडिंग के बाद आया है। उस दौर का नेतृत्व HCLTech और Bessemer Venture Partners ने किया था, जबकि Lightspeed, Peak XV Partners और Khosla Ventures भी निवेशकों में शामिल थे। ताजा निवेश के साथ NVIDIA पहली बार Sarvam AI का निवेशक बना है।
कंपनी इस नई पूंजी का उपयोग भारत के लिए Sovereign AI मॉडल और AI इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने, अपनी रिसर्च एवं इंजीनियरिंग टीम का विस्तार करने और एंटरप्राइज AI उत्पाद तैयार करने में करेगी। हाल ही में भारत सरकार ने IndiaAI Mission के तहत देश के स्वदेशी Large Language Model (LLM) के विकास के लिए Sarvam AI का चयन भी किया है।
भारत के Sovereign AI विजन को मिलेगा बढ़ावा
Activate के संस्थापक आकृत वैश ने LinkedIn पोस्ट में कहा कि यह उनकी कंपनी द्वारा किसी एक स्टार्टअप में किया गया अब तक का सबसे बड़ा निवेश है। उन्होंने कहा कि यह निवेश भारत में Sovereign AI को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है और उनका विश्वास है कि आने वाले दशक में भारत का स्वदेशी AI इकोसिस्टम वैश्विक तकनीकी क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल होगा।