इस साझेदारी का उद्देश्य शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स में इक्विटी निवेश बढ़ाना और संस्थापकों (Founders) को संगठित संस्थागत पूंजी (Institutional Capital) उपलब्ध कराना है। इस व्यवस्था के तहत निवेश के लिए चुने गए स्टार्टअप्स AIF के माध्यम से फंड जुटा सकेंगे। निवेश कंपनी के कैप टेबल (Cap Table) में एक ही निवेशक के रूप में दर्ज होगा, जिससे इक्विटी प्रबंधन आसान होगा और भविष्य में फंड जुटाने तथा कॉरपोरेट गवर्नेंस की प्रक्रिया अधिक सरल और प्रभावी बनेगी।
एनिकट कैपिटल वर्तमान में ₹4,500 करोड़ से अधिक की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) संभाल रही है। कंपनी के पास सात फंड हैं, जिनमें तीन डेट फंड और चार इक्विटी फंड शामिल हैं। अब तक यह 200 से अधिक कंपनियों में निवेश कर चुकी है। वहीं, द चेन्नई एंजल्स, जिसकी स्थापना 2007 में हुई थी, के पास 150 से अधिक निवेशकों का नेटवर्क है और उसने 99 स्टार्टअप्स में ₹200 करोड़ से अधिक का निवेश किया है।
इस साझेदारी के तहत द चेन्नई एंजल्स शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स की पहचान और निवेश के अवसर उपलब्ध कराएगा, जबकि एनिकट कैपिटल अपनी निवेश प्रबंधन विशेषज्ञता के जरिए स्टार्टअप्स को फंडिंग के साथ-साथ रणनीतिक मार्गदर्शन भी प्रदान करेगा।
इस साझेदारी पर टिप्पणी करते हुए एनिकट कैपिटल के पार्टनर अजय आनंद ने कहा, "तमिलनाडु लंबे समय से मैन्युफैक्चरिंग का प्रमुख केंद्र रहा है और अब यहां प्रोडक्ट-आधारित तथा SaaS-केंद्रित स्टार्टअप्स भी तेजी से उभर रहे हैं। यही वे क्षेत्र हैं, जिन पर एनिकट ने विशेष ध्यान दिया है। इस साझेदारी के माध्यम से संस्थापकों को केवल पूंजी ही नहीं, बल्कि एनिकट और द चेन्नई एंजल्स के व्यापक निवेशक और विशेषज्ञ नेटवर्क का भी लाभ मिलेगा।"
द चेन्नई एंजल्स की एग्जीक्यूटिव कमेटी के प्रमुख महालिंगम के ने कहा, "हम हमेशा से मानते हैं कि किसी स्टार्टअप को केवल पूंजी देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी सफलता के लिए उसके साथ मिलकर काम करना भी जरूरी है। एनिकट कैपिटल के साथ यह साझेदारी स्टार्टअप्स के लिए अधिक संगठित और आसान निवेश व्यवस्था तैयार करेगी। इससे संस्थापकों को तेजी से पूंजी मिलने के साथ-साथ रणनीतिक मार्गदर्शन और दीर्घकालिक सहयोग भी प्राप्त होगा, जिससे वे मजबूत और टिकाऊ व्यवसाय खड़ा कर सकेंगे।"