डिजिटल पेमेंट्स की दिग्गज कंपनी फोनपे अब शेयर बाजार में उतरने की तैयारी में है। कंपनी की योजना एक बड़े इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) की है, जिसके जरिए इसका वैल्यूएशन लगभग 15 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। अगर यह लिस्टिंग तय समय पर होती है, तो यह अक्टूबर के बाद भारत की सबसे बड़ी IPO में से एक होगी, जो फिनटेक और कंज़्यूमर इंटरनेट कंपनियों में निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है।
बाजार नियामक के पास दाखिल ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, फोनपे का IPO पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा, जिसमें 5.07 करोड़ इक्विटी शेयर बेचे जाएंगे और कोई नया फंड नहीं जुटाया जाएगा। मौजूदा शेयरधारक कुल मिलाकर करीब 1.5 अरब डॉलर के शेयर बेच सकते हैं।
फोनपे की पैरेंट कंपनी वॉलमार्ट, जो फिलहाल 71.77 प्रतिशत हिस्सेदारी रखती है, करीब 9 प्रतिशत हिस्सेदारी घटाते हुए 4.59 करोड़ शेयर बेचेगी, हालांकि लिस्टिंग के बाद भी वह सबसे बड़ी शेयरधारक बनी रहेगी। वहीं, टाइगर ग्लोबल और माइक्रोसॉफ्ट ग्लोबल फाइनेंस जैसे शुरुआती निवेशकों को भी इस IPO के जरिए एग्ज़िट मिलेगा।
कंपनी की बाजार में मजबूत पकड़ बनी हुई है। सितंबर 2025 तक फोनपे के 65.76 करोड़ रजिस्टर्ड यूजर्स और 4.7 करोड़ से ज्यादा मर्चेंट्स थे। दिसंबर 2025 में कंपनी ने 9.8 अरब UPI ट्रांजैक्शंस प्रोसेस किए, जो कुल बाजार का 45 प्रतिशत से अधिक है।
वित्तीय मोर्चे पर, FY25 में फोनपे की आय 40 प्रतिशत बढ़कर ₹7,115 करोड़ रही और कंपनी फ्री कैश फ्लो पॉजिटिव हो गई। IPO का नेतृत्व कोटक महिंद्रा कैपिटल, गोल्डमैन सैक्स, जेपी मॉर्गन, मॉर्गन स्टेनली और जेफरीज सहित कई बड़े निवेश बैंक करेंगे। यह लिस्टिंग फिनटेक सेक्टर के लिए एक अहम बेंचमार्क साबित हो सकती है।