पीएम मोदी ने सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री से भारत की अगली ग्रोथ फेज को नई रफ्तार देने का आह्वान किया

पीएम मोदी ने सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री से भारत की अगली ग्रोथ फेज को नई रफ्तार देने का आह्वान किया

पीएम मोदी ने सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री से भारत की अगली ग्रोथ फेज को नई रफ्तार देने का आह्वान किया
सेवा तीर्थ में राउंडटेबल के दौरान पीएम मोदी ने ग्लोबल सेमीकंडक्टर सीईओ से भारत की अगली ग्रोथ फेज में सहयोग करने की अपील की।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को सेवा तीर्थ में ग्लोबल और भारतीय इंडस्ट्री एग्जीक्यूटिव्स के साथ सेमीकंडक्टर राउंडटेबल की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने सरकार और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के बीच सहयोग को और मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत अब फाउंडेशनल कैपेबिलिटीज तैयार करने से आगे बढ़कर ग्लोबल सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में अपनी मौजूदगी को बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

यह मीटिंग Semicon India के पांचवें एडिशन से एक दिन पहले आयोजित की गई। इसमें Micron, Infineon, Applied Materials, ASML, Merck, Tokyo Electron, Fujifilm, AMD, Intel, Tata Electronics, Lam Research, Rapidus, NXP, Foxconn, Semi Conductor Devices, Advantest, Celesta Capital, CG Power और IBM के सीईओ और सीनियर एग्जीक्यूटिव्स शामिल हुए।

पीएम मोदी ने इंडस्ट्री लीडर्स से भारत की सेमीकंडक्टर ग्रोथ के अगले फेज में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भारत को इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज के क्षेत्र में शुरुआती ग्लोबल लीडर्स में शामिल होने का लक्ष्य रखना चाहिए। उन्होंने भारत की टैलेंट, टेक्नोलॉजी एडॉप्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूत नींव का उल्लेख किया और स्किलिंग, इनोवेशन तथा एआई और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे इमर्जिंग क्षेत्रों में इंडस्ट्री की भागीदारी बढ़ाने की अपील की। एक करोड़ लोगों को एआई की ट्रेनिंग देने के लक्ष्य का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत का टैलेंट पूल और ग्लोबल इंडस्ट्री का अनुभव मिलकर बड़े अवसर पैदा कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री ने एक बार फिर प्रेडिक्टेबल और रिस्पॉन्सिव पॉलिसी एनवायरनमेंट तैयार करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी में बदलाव और इंडस्ट्री की जरूरतों के साथ पॉलिसीज में भी बदलाव होना चाहिए। उन्होंने इंडस्ट्री लीडर्स से पॉलिसी और एडमिनिस्ट्रेटिव मेजर्स को लेकर सुझाव देने का आग्रह किया और कहा कि सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए इन सुझावों पर विचार किया जाएगा।

मीटिंग में शामिल सीईओ ने 'India Semiconductor Mission (ISM) 2.0' के तहत उपलब्ध अवसरों को लेकर भरोसा जताया। उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग, डिजाइन, इंफ्रास्ट्रक्चर और टैलेंट डेवलपमेंट के क्षेत्र में हुई प्रोग्रेस का उल्लेख किया और भारत को ग्लोबली कॉम्पिटिटिव सेमीकंडक्टर और टेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित करने में योगदान देने की प्रतिबद्धता जताई।

Subscribe Newsletter
Submit your email address to receive the latest updates on news & host of opportunities