होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (HMSI) का मानना है कि वर्तमान समय में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सबसे ज्यादा उन घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है, जहां विश्वसनीय चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध है। कंपनी का कहना है कि भविष्य की मोबिलिटी किसी एक पावरट्रेन पर नहीं, बल्कि मल्टी-फ्यूल और मल्टी-पाथवे तकनीकों पर आधारित होगी।
HMSI 2026 कार्यक्रम के दौरान जनरल मैनेजर (प्रोडक्ट प्लानिंग) कृष्णकुमार ने कहा कि होंडा लंबे समय से ऐसी रणनीति पर काम कर रही है, जिसमें इलेक्ट्रिक मोबिलिटी भविष्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन यही एकमात्र समाधान नहीं है।
उन्होंने कहा, "हमारा मानना है कि भविष्य की मोबिलिटी मल्टी-फ्यूल और मल्टी-पाथवे होगी, जिसमें इलेक्ट्रिक मोबिलिटी एक अहम भूमिका निभाएगी।"
उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान में इलेक्ट्रिक वाहन उन शहरों के लिए सबसे उपयुक्त हैं जहां घनी आबादी और बेहतर चार्जिंग नेटवर्क मौजूद है। इसी सोच के आधार पर कंपनी अपने नए इलेक्ट्रिक उत्पादों को चरणबद्ध तरीके से बाजार में उतार रही है।
पायलट आधार पर लॉन्च होगा QC3 Family
कार्यक्रम के दौरान HMSI ने अपना नया QC3 Family इलेक्ट्रिक स्कूटर पेश किया। कंपनी इसे फिलहाल पूरे देश में लॉन्च करने के बजाय चुनिंदा शहरी बाजारों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में उतारेगी।
कृष्णकुमार ने बताया कि इस चरणबद्ध लॉन्च से कंपनी ग्राहकों की प्रतिक्रिया समझ सकेगी, उत्पाद में आवश्यक सुधार कर सकेगी और बेहतर क्वालिटी के साथ सही ग्राहकों तक इसे पहुंचा सकेगी।
उन्होंने कहा, "हम नई तकनीक को हमेशा जिम्मेदारी के साथ और क्वालिटी को प्राथमिकता देते हुए पेश करते हैं। QC3 का सीमित बाजारों में पायलट लॉन्च हमें सीखने और उत्पाद को बेहतर बनाने का अवसर देगा।"
145 किमी की रेंज और आधुनिक फीचर्स
क्यूसी3QC3 फ़ैमिली (QC3 Family) इलेक्ट्रिक स्कूटर में 3 kWh बैटरी दी गई है, जो IDC प्रमाणित 145 किमी की रेंज प्रदान करती है। यह स्कूटर 2 घंटे 40 मिनट में 80% तक चार्ज हो जाता है। इसमें 32 लीटर अंडर-सीट स्टोरेज, 5-इंच TFT डिस्प्ले और Honda RoadSync कनेक्टिविटी जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं।
मल्टी-पावरट्रेन रणनीति पर कायम है होंडा
इलेक्ट्रिक स्कूटर के साथ HMSI ने अपने फ्लेक्स-फ्यूल टू-व्हीलर्स, प्रीमियम रोडस्टर्स, क्रूजर और एडवेंचर मोटरसाइकिलों का भी प्रदर्शन किया। कंपनी ने दोहराया कि वह इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को सभी ग्राहकों के लिए एकमात्र समाधान नहीं मानती, बल्कि अलग-अलग जरूरतों और उपयोग के अनुसार विभिन्न पावरट्रेन विकल्प उपलब्ध कराने की रणनीति पर काम कर रही है।
भारत में जहां एक ओर इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ रही है, वहीं चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास अलग-अलग क्षेत्रों में अलग गति से हो रहा है। ऐसे में दोपहिया वाहन निर्माता पारंपरिक इंजन, वैकल्पिक ईंधन और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी तीनों क्षेत्रों में समानांतर निवेश कर रहे हैं।