टेक-आधारित इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और रेंटल प्लेटफॉर्म Bijliride ने अपने प्रमुख 'Project Udaan' के तहत छात्रों के लिए 'Student Mobility Program' लॉन्च किया है। इस पहल का उद्देश्य उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों को किफायती, लचीली और बिना किसी लंबी अवधि की प्रतिबद्धता वाली इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर रेंटल सुविधा उपलब्ध कराना है।
कंपनी के अनुसार, यह कार्यक्रम देश के प्रमुख महानगरों में पढ़ने वाले छात्रों की दैनिक यात्रा संबंधी चुनौतियों को कम करने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में भी मदद करेगा।
हालिया उद्योग रिपोर्टों के अनुसार, भारत में 4.5 लाख से अधिक छात्र किराया, ट्यूशन फीस और दैनिक खर्चों को पूरा करने के लिए पार्ट-टाइम काम कर रहे हैं। इनमें से लगभग 48% नौकरियों के लिए फिजिकल उपस्थिति आवश्यक होती है, जिससे किफायती और भरोसेमंद परिवहन की जरूरत और बढ़ जाती है।
इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए Bijliride ने अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म में माइक्रो-गिग अवसरों को भी शामिल किया है। इसके तहत छात्र प्रतिदिन केवल एक घंटे तक वैकल्पिक डिलीवरी कार्य करके अपनी इलेक्ट्रिक स्कूटर की दैनिक रेंटल लागत की भरपाई कर सकते हैं। इससे छात्रों को सम्मानजनक तरीके से अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर मिलेगा और गिग वर्क से जुड़ी सामाजिक धारणा को भी बदलने में मदद मिलेगी।
बिजलीराइड (Bijliride) के संस्थापक एवं सीईओ शिवम सिसोदिया ने कहा कि कंपनी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परिवहन कभी भी शिक्षा, करियर या व्यक्तिगत विकास में बाधा न बने। उन्होंने कहा कि आज की Gen Z पीढ़ी वाहन खरीदने की बजाय किफायती और लचीले मोबिलिटी विकल्पों को प्राथमिकता दे रही है। ऐसे में कम लागत वाले EV रेंटल और माइक्रो-अर्निंग मॉडल को जोड़कर कंपनी सस्ती, सुविधाजनक और टिकाऊ मोबिलिटी उपलब्ध करा रही है।
कंपनी के अनुसार, इस कार्यक्रम को लॉन्च करने के बाद हैदराबाद, पुणे, बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली-एनसीआर जैसे शहरों में छात्र पंजीकरण और पूछताछ में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। छात्र इन इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग कॉलेज आने-जाने के अलावा इंटर्नशिप, स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम, प्लेसमेंट ड्राइव और परीक्षाओं में शामिल होने के लिए भी कर रहे हैं।
बिजलीराइड (Bijliride) का मानना है कि यह पहल न केवल छात्रों की यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि शैक्षणिक संस्थानों में स्वच्छ और टिकाऊ मोबिलिटी को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की रफ्तार भी तेज करेगी।