भारत में ईवी को बढ़ावा देने के लिए सार्वजनिक चार्जिंग नेटवर्क का तेजी से विस्तार हो रहा है। सरकार ने मंगलवार को संसद में जानकारी देते हुए बताया कि देशभर में अब 52,718 सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं। इनमें 16,561 फास्ट चार्जिंग स्टेशन विशेष रूप से इलेक्ट्रिक कारों के लिए उपलब्ध हैं।
लोकसभा में एक अतारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में भारी उद्योग राज्य मंत्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा ने कहा कि निजी ईवी उपयोगकर्ताओं की रेंज एंग्जायटी (Range Anxiety) कम करने के उद्देश्य से सरकार देशभर के शहरों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार कर रही है।
उन्होंने बताया कि FAME-II योजना के तहत ईवी सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना के लिए 912.50 करोड़ रुपये तथा PM E-DRIVE योजना के तहत 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन योजनाओं के माध्यम से देशभर में सार्वजनिक चार्जिंग नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है।
सरकार ने यह भी बताया कि विद्युत मंत्रालय ने वर्ष 2024 में "इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थापना एवं संचालन संबंधी दिशानिर्देश" जारी किए हैं। इन दिशानिर्देशों का उद्देश्य बैटरी स्वैपिंग और चार्जिंग स्टेशनों सहित एक कनेक्टेड और इंटरऑपरेबल चार्जिंग नेटवर्क विकसित करना है।
इसके अलावा, ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने को लाइसेंस-मुक्त गतिविधि घोषित किया गया है, जिससे निजी उद्यमियों के लिए चार्जिंग स्टेशन स्थापित करना अधिक आसान हो गया है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि PM E-DRIVE योजना में इलेक्ट्रिक कारों को सीधे शामिल नहीं किया गया है, क्योंकि उन्हें ऑटोमोबाइल एवं ऑटो कंपोनेंट्स के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना के तहत प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत पात्र वाहन निर्माताओं (OEMs) को एडवांस्ड ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी (AAT) वाहनों, जिनमें इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर भी शामिल हैं, की अतिरिक्त बिक्री पर 13% से 18% तक वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाता है।
सरकार ने बताया कि FAME इंडिया योजना (फेज-II), जिसे 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2024 तक 11,500 करोड़ रुपये के बजट के साथ लागू किया गया था, के तहत अब तक लगभग 16.72 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को समर्थन मिला है। इस योजना के अंतर्गत 30 जून 2026 तक 5,197 इलेक्ट्रिक बसों की तैनाती भी की जा चुकी है।
वहीं, PM E-DRIVE योजना, जिसे 29 सितंबर 2024 को 10,900 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ अधिसूचित किया गया था, का लक्ष्य करीब 28.30 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों को समर्थन देना है। इसमें इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया, ट्रक, बस और एम्बुलेंस शामिल हैं। योजना के तहत सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना और परीक्षण एजेंसियों के उन्नयन के लिए भी वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।