भारत की डीप एनर्जी-टेक कंपनी ईएमओ एनर्जी ने वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1) के परिचालन परफॉरमेंस की घोषणा की है। कंपनी ने बताया कि उसकी बैटरी इंटेलिजेंस और एनर्जी मैनेजमेंट तकनीक भारत में कमर्शियल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को ज्यादा कुशल और टिकाऊ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
कंपनी के अनुसार, Q1 के दौरान ईएमओ एनर्जी ने 2,810.7 MWh ऊर्जा की डिलीवरी की। अप्रैल से जून के बीच कंपनी की मासिक ऊर्जा डिलीवरी में 20.3% की वृद्धि दर्ज की गई।
ईएमओ एनर्जी (EMO Energy) के तकनीकी प्लेटफॉर्म ने इस अवधि में 1.874 करोड़ (18.74 मिलियन) ईवी डिलीवरी को सपोर्ट किया, जबकि उसके नेटवर्क के जरिए 9.369 करोड़ किलोमीटर (93.69 मिलियन किमी) की यात्रा पूरी की गई। कंपनी का कहना है कि यह आंकड़े कमर्शियल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में स्मार्ट एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती भूमिका को दर्शाते हैं।
कंपनी ने अपनी सक्रिय इलेक्ट्रिक फ्लीट का भी विस्तार किया। अप्रैल में जहां उसके नेटवर्क से 15,800 वाहन जुड़े थे, वहीं जून तक यह संख्या बढ़कर 19,000 वाहनों तक पहुंच गई। यह वृद्धि कमर्शियल EV फ्लीट ऑपरेटरों के बीच कंपनी की बैटरी और एनर्जी मैनेजमेंट तकनीकों की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाती है।
ईएमओ एनर्जी का कहना है कि उसकी Q1 गतिविधियों के कारण 5,809 टन CO₂e उत्सर्जन कम हुआ, जो 2.75 लाख से अधिक पेड़ों की वार्षिक कार्बन अवशोषण क्षमता के बराबर है। कंपनी का मानना है कि बड़े पैमाने पर लास्ट-माइल लॉजिस्टिक्स के विद्युतीकरण से पर्यावरणीय लाभ तेजी से बढ़ रहे हैं।
ईएमओ एनर्जी के सह-संस्थापक शीतांशु त्यागी ने कहा, "हमारा Q1 परफॉरमेंस दिखाता है कि बैटरी इंटेलिजेंस, थर्मल मैनेजमेंट और फ्लीट-स्तरीय एनर्जी ऑर्केस्ट्रेशन जैसी डीप टेक्नोलॉजी परिचालन दक्षता के साथ-साथ पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। जैसे-जैसे कमर्शियल ईवी अपनाने की गति बढ़ रही है, हम अपनी तकनीक को नए ऊर्जा अनुप्रयोगों तक विस्तार देने और भारत के स्वच्छ ऊर्जा इकोसिस्टम को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।"
कंपनी ने कहा कि वह आने वाले समय में नेक्स्ट-जेनरेशन बैटरी टेक्नोलॉजी और एनर्जी इकोसिस्टम के विकास पर निवेश जारी रखेगी। इसका उद्देश्य कमर्शियल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लिए तेज चार्जिंग, बेहतर विश्वसनीयता, उच्च सुरक्षा और दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करना है।