बेंगलुरु स्थित डिजिटल पेमेंट्स फर्म रेज़रपे (Razorpay) ने प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) की तैयारी शुरू कर दी है और इस इश्यू के जरिए लगभग 4,500 करोड़ रुपये (करीब 505 मिलियन डॉलर) जुटाने पर विचार कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने कई मर्चेंट बैंकरों को IPO में मदद करने के लिए आमंत्रित किया है, जिसमें कोटक महिंद्रा कैपिटल और एक्सिस कैपिटल प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं।
आईपीओ (IPO) इस वर्ष के अंत तक लॉन्च होने की संभावना है, हालांकि यह चर्चा अभी प्रारंभिक चरण में है और अंतिम टाइमलाइन व इश्यू साइज तय नहीं हुआ है। रेज़रपे (Razorpay) संभवत: प्री-IPO फंडिंग राउंड पर भी विचार कर रही है, जो ज्यादातर सेकेंडरी नेचर का होगा और मौजूदा निवेशकों को आंशिक रूप से बाहर निकलने का अवसर देगा।
रेज़रपे (Razorpay) की पिछली वैल्यूएशन 2021 में 7.5 बिलियन डॉलर थी, जब कंपनी ने 375 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई थी। कंपनी अच्छी तरह से कैपिटलाइज्ड है और फिलहाल नए प्राइमरी कैपिटल जुटाने की योजना नहीं बना रही है। अप्रैल 2025 में रेज़रपे (Razorpay) ने खुद को पब्लिक लिमिटेड कंपनी में बदल लिया था, जो आमतौर पर स्टॉक मार्केट लिस्टिंग से पहले का महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।
हाल ही में, कंपनी ने POP UPI में मेजरिटी स्टेक 30 मिलियन डॉलर में खरीदा और भारतीय रिज़र्व बैंक से क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट एग्रीगेटर लाइसेंस प्राप्त किया। रेज़रपे (Razorpay) के संस्थापक हर्षिल माथुर और शशांक कुमार हैं, और कंपनी ने अब तक 741 मिलियन डॉलर से अधिक फंडिंग जुटाई है। इसके निवेशकों में सिंगापुर का GIC, Peak XV Partners, Z47 (पूर्व में Matrix Partners India), और Tiger Global शामिल हैं।
वित्तीय परफॉरमेंस की बात करें तो Razorpay ने FY25 में अपनी समेकित राजस्व में 65% की वृद्धि दर्ज की और 3,783 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया। ग्रॉस प्रॉफिट 41% बढ़कर 1,277 करोड़ रुपये हुआ। हालांकि, कंपनी को नेट लॉस हुआ, जो मुख्य रूप से ESOP खर्चों और भारत में रीडोमिसाइलिंग से जुड़े एक-बार के खर्चों के कारण था।
रेज़रपे (Razorpay) उन कई नई पीढ़ी की कंपनियों में शामिल है, जो अगले 12–18 महीनों में सार्वजनिक बाजारों से पूंजी जुटाने की योजना बना रही हैं, जिनमें फ़ोन पे (PhonePe), जेप्टो (Zepto), Oyo और इन्फ्रा.मार्केट (Infra.Market) भी शामिल हैं।