RBI Governor ने बैंकों से AI को बोर्ड-लेवल रणनीति बनाने को कहा

RBI Governor ने बैंकों से AI को बोर्ड-लेवल रणनीति बनाने को कहा

RBI Governor ने बैंकों से AI को बोर्ड-लेवल रणनीति बनाने को कहा
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बैंकों से AI को सिर्फ टेक्नोलॉजी खरीद नहीं, बल्कि बोर्ड-लेवल रणनीति के रूप में अपनाने की अपील की।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बैंकों से Artificial Intelligence (AI) को केवल टेक्नोलॉजी खरीद के तौर पर नहीं, बल्कि बोर्ड-लेवल रणनीति के रूप में अपनाने का आह्वान किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि AI को अपनाने में धीमे रहने वाले बैंक इस बदलाव पर अपना नियंत्रण खोने का जोखिम उठा सकते हैं।

फिक्की (FICCI) और Indian Banks’ Association द्वारा आयोजित FIBAC 2026 में बोलते हुए मल्होत्रा ने कहा कि AI इस दशक को उसी तरह प्रभावित कर सकता है, जिस तरह 2000 के दशक में digitalisation और 1990 के दशक में economic liberalisation ने बदलाव लाया था।

उन्होंने कहा कि AI वित्तीय क्षेत्र में credit assessment को तेज, अधिक granular और अंतिम स्तर तक उपलब्ध कराने में मदद कर सकता है। UPI ने जिस तरह payments को बदलने में भूमिका निभाई, उसी तरह AI financial judgement में बदलाव ला सकता है। Cash flows, tax filings और utility payments जैसे alternate data का इस्तेमाल उन borrowers तक credit पहुंच बढ़ा सकता है, जिनके पास formal financial history नहीं है।

मल्होत्रा ने कहा कि customer service, vernacular voice interfaces, operational efficiency और fraud detection ऐसे क्षेत्र हैं जहां बैंक AI से तेजी से लाभ हासिल कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि rules-based fraud detection systems तेजी से बदलने वाले fraud patterns के सामने सीमित साबित हो सकते हैं।

आरबीआई गवर्नर ने एआई एडॉप्शन (AI adoption) से जुड़े सात प्रमुख जोखिमों की पहचान की। इनमें black-box AI decisions की explainability, historical lending data से bias और exclusion का आगे बढ़ना, कुछ चुनिंदा AI models और vendors पर निर्भरता से concentration risk, third-party dependencies, data privacy, cyber और adversarial vulnerabilities तथा human accountability के कमजोर होने का जोखिम शामिल है।

मल्होत्रा ने कहा कि AI में fairness केवल compliance requirement नहीं है, बल्कि इसे system design का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैंक के फैसलों की अंतिम जिम्मेदारी किसी vendor या algorithm की नहीं, बल्कि स्वयं बैंक की होनी चाहिए।

उन्होंने बैंकों से इस्तेमाल किए जा रहे सभी AI models की पूरी inventory तैयार करने, board-approved AI governance policy लागू करने और ऐसे फैसलों की व्याख्या सुनिश्चित करने को कहा, जिनका ग्राहकों पर महत्वपूर्ण असर पड़ता है। इसके साथ ही उन्होंने AI systems पर red-teaming और stress tests करने तथा गंभीर नुकसान की स्थिति में human oversight बनाए रखने की सलाह दी।

मल्होत्रा ने कहा कि आरबीआई एआई (RBI AI) को लेकर principles-based और proportionate approach जारी रखेगा। इसमें बड़े बैंकों और off-the-shelf AI tools का इस्तेमाल करने वाले छोटे lenders की capabilities और risks के बीच अंतर को ध्यान में रखा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि RBI अपने regulatory sandbox के जरिए AI और नई तकनीकों के सुरक्षित उपयोग को सपोर्ट देता रहेगा।

 

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