महाराष्ट्र में प्लास्टिक रिसाइक्लिंग के लिए 500 करोड़ रुपये का निवेश

महाराष्ट्र में प्लास्टिक रिसाइक्लिंग के लिए 500 करोड़ रुपये का निवेश

महाराष्ट्र में प्लास्टिक रिसाइक्लिंग के लिए 500 करोड़ रुपये का निवेश
रिकव वेंचर्स ने महाराष्ट्र सरकार के साथ प्लास्टिक रिसाइक्लिंग और सर्कुलर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम विकसित करने के लिए 500 करोड़ से ज्यादा निवेश का समझौता किया है। इस पहल के तहत जलगांव में अत्याधुनिक रिसाइक्लिंग सुविधा स्थापित की जाएगी।

बी2बी सर्कुलर इकोनॉमी कंपनी रिकव वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड (Recove Ventures Pvt Ltd) ने महाराष्ट्र सरकार के उद्योग विभाग के साथ राज्य में बड़े स्तर पर प्लास्टिक रिसाइक्लिंग और सर्कुलर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम विकसित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता मुंबई स्थित मंत्रालय में महाराष्ट्र सरकार के उद्योग, निवेश और सेवा विभाग के प्रधान सचिव डॉ. पी. अंबलगन (IAS) और रिकव वेंचर्स के सह-संस्थापक कुणाल कुमार और वायरल छाजेड़ के बीच हुआ।

इसके बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ बैठक आयोजित की गई, जिसमें उन्होंने राज्य में सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने के प्रयासों पर जोर देते हुए रिकव वेंचर्स की प्रतिबद्धता की सराहना की। 10 वर्षीय इस साझेदारी ढांचे के तहत रिकव वेंचर्स महाराष्ट्र में वेस्ट प्रोसेसिंग, रिसाइक्लिंग, मैटिरियल रिकवरी, एग्रीगेशन और अन्य सर्कुलर मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों में 500 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश करेगी। पहले चरण में कंपनी प्रति माह 5,000 टन प्लास्टिक वेस्ट को प्रोसेस करने की क्षमता विकसित करेगी, जिसे आगे बढ़ाकर 1 लाख टन प्रति वर्ष तक ले जाने की योजना है।

यह पहल ऐसे समय में आई है जब भारत में एक्सटेंडेड प्रोड्यूसर रिस्पॉन्सिबिलिटी (EPR) नियमों के तहत कंपनियों को अपने उत्पादों में रिसाइकल्ड प्लास्टिक का उपयोग बढ़ाना अनिवार्य हो रहा है। वर्तमान में लगभग 30 प्रतिशत रिसाइकल्ड प्लास्टिक कंटेंट की आवश्यकता है, जो अगले कुछ वर्षों में 60 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।

कंपनी का पहला प्रमुख प्रोजेक्ट महाराष्ट्र के जलगांव जिले के अतिरिक्त जलगांव MIDC क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा। यह उन्नत HDPE और PP रीसाइक्लिंग सुविधा होगी, जिसमें 35 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया जाएगा और इसकी क्षमता 1,100 टन प्रति माह होगी।

इस प्लांट में एडवांस्ड एक्सट्रूज़न और ग्रेनुलेशन तकनीक के साथ डीप-वैक्यूम डिओडराइजेशन सिस्टम का उपयोग किया जाएगा, जिससे पैकेजिंग, ऑटोमोबाइल और उपभोक्ता उत्पादों में उपयोग होने वाले इंडस्ट्रियल-ग्रेड प्लास्टिक ग्रेन्यूल्स तैयार किए जाएंगे। परियोजना के अक्टूबर से दिसंबर 2026 के बीच शुरू होने की संभावना है और इससे 100 प्रत्यक्ष तथा 1,500 से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।

महाराष्ट्र सरकार इस परियोजना के लिए MIDC क्षेत्रों और भविष्य के सर्कुलर इकोनॉमी पार्कों में भूमि आवंटन, सिंगल-विंडो क्लियरेंस और औद्योगिक नीतियों के तहत प्रोत्साहनों में सहायता प्रदान करेगी।

महाराष्ट्र सरकार के उद्योग, निवेश और सेवा विभाग के प्रधान सचिव डॉ. पी. अंबलगन ने कहा कि राज्य एक ऐसा औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें आर्थिक विकास के साथ स्थिरता भी शामिल हो।

रिकव वेंचर्स के सह-संस्थापक वायरल छाजेड़ ने कहा कि कंपनी केवल एक प्लांट नहीं बना रही, बल्कि ऐसा स्थायी इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रही है, जो पोस्ट-कंज्यूमर प्लास्टिक को कचरे से निकालकर दोबारा औद्योगिक कच्चे माल में बदल सके।

सह-संस्थापक कुणाल कुमार ने कहा कि बड़े स्तर पर रिसाइक्लिंग के लिए केवल प्लांट पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि सप्लाई चेन, मंजूरी, भूमि और मांग जैसे पूरे इकोसिस्टम की जरूरत होती है। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार की दीर्घकालिक नीति दृष्टि की सराहना की।

रिकव वेंचर्स पहले से पुणे और बेंगलुरु में परिचालन कर रही है। कंपनी का पुणे प्री-प्रोसेसिंग प्लांट अप्रैल 2026 में टेस्ट ऑपरेशन शुरू कर चुका है, जबकि बेंगलुरु सुविधा वर्तमान में प्रति माह 415 टन से अधिक प्लास्टिक कचरे को प्रोसेस कर रही है।

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