रेडिफ डॉट कॉम इंडिया लिमिटेड (Rediff.com India Limited) ने प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के जरिए फंड जुटाने के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास गोपनीय रूप से ड्राफ्ट पेपर्स दाखिल किए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी 600 करोड़ से 800 करोड़ के बीच पूंजी जुटाने का लक्ष्य रख रही है।
कंपनी ने कॉन्फिडेंशियल प्री-फाइलिंग रूट चुना है, जिसके तहत वह फिलहाल अपने वित्तीय प्रदर्शन, वैल्यूएशन और इश्यू स्ट्रक्चर जैसी महत्वपूर्ण जानकारी सार्वजनिक नहीं करेगी। यह तरीका कंपनियों को IPO के समय और शर्तों में लचीलापन देता है।
यह कदम 2024 में AvenuesAI द्वारा Rediff के अधिग्रहण के बाद आया है। इसके बाद से कंपनी पारंपरिक इंटरनेट पोर्टल मॉडल से हटकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्लेटफॉर्म पर फोकस कर रही है और डिजिटल पेमेंट्स क्षेत्र में भी विस्तार की योजना बना रही है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, IPO से जुटाई गई राशि का उपयोग AI क्षमताओं को मजबूत करने, प्रोडक्ट डेवलपमेंट और डिजिटल पेमेंट्स बिजनेस के विस्तार में किया जाएगा। कंपनी जल्द ही NPCI से मिले UPI लाइसेंस के तहत RediffPay लॉन्च करने की तैयारी में है।
वर्ष 1996 में स्थापित Rediff भारत की शुरुआती इंटरनेट कंपनियों में से एक रही है, जो ईमेल, न्यूज और ऑनलाइन सेवाएं प्रदान करती थी। कंपनी ने 2000 में NASDAQ पर लिस्टिंग की थी और 2016 में डीलिस्ट हो गई थी।
गौरतलब है कि कॉन्फिडेंशियल IPO फाइलिंग का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है, और OYO (Prism), PhonePe, Meesho, Swiggy, Groww, PhysicsWallah और Zepto जैसी कई कंपनियां इस मार्ग को अपना चुकी हैं।