सर्वोटेक रिन्यूएबल पावर सिस्टम लिमिटेड और इलेक्ट्रा ईवी को भारतीय पेटेंट कार्यालय से इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग डिवाइस के लिए संयुक्त रूप से पेटेंट प्रदान किया गया है। यह तकनीक कम वोल्टेज वाले इलेक्ट्रिक वाहनों को मौजूदा हाई-वोल्टेज CCS2 चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए फास्ट डीसी चार्जिंग की सुविधा देने के लिए विकसित की गई है।
कंपनियों के अनुसार, यह डिवाइस भारत के ईवी चार्जिंग नेटवर्क में मौजूद इंटरऑपरेबिलिटी गैप को दूर करने के लिए तैयार की गई है। छोटे कमर्शियल ईवी, पिकअप वैन और GB/T Bharat DC 001 प्लेटफॉर्म पर चलने वाले लो-वोल्टेज वाहन अब तक हाई-वोल्टेज फास्ट-चार्जिंग सिस्टम के साथ संगत नहीं थे। नई तकनीक पावर मैनेजमेंट और वोल्टेज कन्वर्ज़न के माध्यम से दोनों सिस्टम के बीच सुरक्षित ऊर्जा ट्रांसफर संभव बनाती है।
कंपनियों का कहना है कि यह तकनीक शहरी और लास्ट-माइल फ्रेट मोबिलिटी से जुड़े सेगमेंट के लिए महत्वपूर्ण होगी, जहां लो-वोल्टेज EV का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। मौजूदा CCS2 चार्जिंग नेटवर्क का उपयोग करके अधिक प्रकार के वाहनों को चार्ज करने की सुविधा मिलने से अलग लो-वोल्टेज चार्जिंग नेटवर्क की आवश्यकता कम हो सकती है।
सर्वोटेक (Servotech) के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर अरुण हांडा (Arun Handa) ने कहा कि यह पेटेंट लो-वोल्टेज कमर्शियल फ्लीट्स के लिए बेहतर चार्जिंग संगतता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि इस डिवाइस को सुरक्षा, दक्षता और विश्वसनीयता को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।
हालांकि, पेटेंट मिलने के साथ डिवाइस के व्यावसायिक लॉन्च या उत्पादन समयसीमा की घोषणा नहीं की गई है। सर्वोटेक दो दशकों से अधिक समय से इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में सक्रिय है और कमर्शियल तथा घरेलू उपयोग के लिए AC और DC चार्जर्स की विस्तृत श्रृंखला प्रदान करता है, जबकि इलेक्ट्रा ईवी (Electra EV) भारत में इलेक्ट्रिक पावरट्रेन और वाहन तकनीक के विकास में काम कर रही है।