टीवीएस मोटर कंपनी ने 12 मार्च 2026 को लखनऊ में अपना नया इलेक्ट्रिक स्कूटर टीवीएस ऑर्बिटर वी1 (TVS Orbiter V1) लॉन्च किया। यह स्कूटर प्रधानमंत्री ई-ड्राइव (PM e-Drive) सब्सिडी के तहत 49,999 (दिल्ली एक्स-शोरूम) में उपलब्ध है, यदि ग्राहक बैटरी-एज़-ए-सर्विस (BaaS) योजना का विकल्प चुनते हैं। बिना BaaS के, वही स्कूटर 84,500 में उपलब्ध होगा। इस लॉन्च की जानकारी साथ ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज को भी दी गई।
बीएएएस (BaaS) मॉडल ग्राहकों के लिए इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने का तरीका बदल देता है। इसमें वाहन और बैटरी की पूरी कीमत upfront नहीं चुकानी पड़ती, बल्कि ग्राहक मासिक सब्सक्रिप्शन के जरिए बैटरी का उपयोग करते हैं। मासिक प्लान ₹862 से शुरू होते हैं और इसमें 5 साल या 70,000 किमी की एक्सटेंडेड वारंटी और असीमित मासिक उपयोग शामिल है। टीवीएस ने यह योजना अपनी पूरी इलेक्ट्रिक स्कूटर रेंज, जिसमें TVS iQube भी शामिल है, पर लागू की है।
ऑर्बिटर V1 (Orbiter V1) 1.8 kWh बैटरी से संचालित है और IDC सर्टिफाइड रेंज 86 किमी प्रति चार्ज देती है। इसे 0 से 80% चार्ज करने में लगभग 2 घंटे 20 मिनट लगते हैं। डिजाइन में 845 मिमी फ्लैट सीट, 290 मिमी फूटबोर्ड, 34 लीटर अंडर-सीट स्टोरेज और आधुनिक हैंडलबार शामिल हैं। इसके अलावा, V1 में कलर्ड LCD इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, मोबाइल ऐप कनेक्टिविटी, हिल होल्ड असिस्ट, क्रूज कंट्रोल, पार्किंग असिस्ट और टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन जैसी सुविधाएं हैं।
टीवीएस मोटर के इंडिया 2W बिजनेस के प्रेसिडेंट गौरव गुप्ता ने कहा कि यह लॉन्च इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को और सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि वाहन और बैटरी की कीमत अलग करने से ग्राहकों को EV के कुल खर्च का स्पष्ट अनुमान मिलता है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिरुद्ध हलदर ने कहा कि Orbiter V2 से मिली ग्राहक प्रतिक्रिया ने V1 लॉन्च करने का निर्णय प्रभावित किया, और BaaS मॉडल व्यापक ईवी अपनाने में मदद करेगा।
टीवीएस मोटर, जो BSE और NSE में सूचीबद्ध है, 80 से अधिक देशों में संचालन करती है और भारत व इंडोनेशिया में विनिर्माण इकाइयाँ रखती है। यह दुनिया की एकमात्र टू-व्हीलर निर्माता कंपनी है जिसे गुणवत्ता के लिए डेमिंग पुरस्कार मिला है। ऑर्बिटर V1 (Orbiter V1) की लॉन्चिंग ऐसे समय में हुई है जब भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार तेजी से बढ़ रहा है और सब-₹1 लाख सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा भी कड़ी हो गई है।