इस फेलोशिप के पहले बैच में Kritsnam, ArtusAI, Litemed, Zodhya, Arkle Energy, Sensehealth, Vahn, Buildwright, Sanyark Space, Semex AI, Pavakah Energy, Vecros, Portl और Storyvord शामिल हैं। ये स्टार्टअप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हेल्थकेयर, एनर्जी और स्पेसटेक जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।
स्टार्टअप फाउंडर्स को टेक्नोलॉजी और फंडिंग में मदद
T-Hub के सीईओ Kavikrut ने कहा, “आज कोई भी फाउंडर कहीं से भी अपना बिजनेस शुरू कर सकता है, इसलिए एक हब की भूमिका सिर्फ काम करने की जगह उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। T-Hub में हमारा मानना है कि फाउंडर्स के साथ मिलकर काम करना जरूरी है और यह कार्यक्रम इसी सोच को आगे बढ़ाता है।”
मार्केट एक्सेस और निवेशकों से कनेक्शन पर फोकस
इस फेलोशिप का मुख्य फोकस फाउंडर्स को टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट, मार्केट एक्सेस और फंडिंग से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में मदद करना है। कार्यक्रम के तहत स्टार्टअप्स को मेंटरशिप के साथ-साथ निवेशकों और इंडस्ट्री से जुड़े प्रमुख लोगों से संपर्क के अवसर भी दिए जाएंगे।
यह पहल T-Hub के पहले के उन कार्यक्रमों के बाद आई है, जिनका उद्देश्य रिसर्च आधारित और डीप टेक स्टार्टअप्स को आगे बढ़ाना रहा है। इनमें Lab2Market कार्यक्रम भी शामिल है, जो मेंटरशिप, मार्केट एक्सेस और निवेशकों से संपर्क के जरिए रिसर्च से निकलने वाले नए इनोवेशन को व्यावसायिक स्तर तक पहुंचाने में मदद करता है।