भारत में इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल (EV) की मांग में सितंबर 2026 में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। Vahan के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में ईवी पैसेंजर व्हीकल रजिस्ट्रेशन सालाना आधार पर 94% बढ़कर रिकॉर्ड 35,948 यूनिट हो गए। अगस्त में 32,433 यूनिट की तुलना में रजिस्ट्रेशन 11% बढ़े, जबकि ईवी की बाजार हिस्सेदारी 7.6% से बढ़कर 8.3% हो गई। अप्रैल-सितंबर 2026 के दौरान कुल रजिस्ट्रेशन 1,91,751 यूनिट रहे, जो पिछले साल की समान अवधि के 1,01,546 यूनिट से 89% अधिक हैं।
सितंबर में टाटा मोटर्स 14,722 रजिस्ट्रेशन के साथ इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में सबसे आगे रही। कंपनी के रजिस्ट्रेशन सालाना आधार पर दोगुने और अगस्त की तुलना में 7% अधिक रहे। टाटा मोटर्स की बाजार हिस्सेदारी 41% रही। वहीं, महिंद्रा एंड महिंद्रा 7,741 रजिस्ट्रेशन के साथ दूसरे स्थान पर रही, जिसमें सालाना आधार पर 116% और मासिक आधार पर 14% की बढ़ोतरी हुई। दोनों कंपनियों ने मिलकर सितंबर के कुल ईवी पैसेंजर व्हीकल रजिस्ट्रेशन का करीब 63% हिस्सा हासिल किया।
जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया 5,226 रजिस्ट्रेशन के साथ तीसरे स्थान पर रही, जबकि उसकी बाजार हिस्सेदारी घटकर 14.5% रह गई। विनफास्ट 2,961 रजिस्ट्रेशन के साथ चौथे स्थान पर रही और उसकी हिस्सेदारी बढ़कर 8.2% हो गई। किया 1,256 रजिस्ट्रेशन के साथ पांचवें स्थान पर पहुंची, जिसकी बाजार हिस्सेदारी 3.5% रही। सितंबर में शीर्ष पांच कंपनियों ने मिलकर कुल इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल रजिस्ट्रेशन का करीब 89% हिस्सा हासिल किया।
अन्य कंपनियों में मारुति सुज़ुकी ने सितंबर में 1,095 इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल रजिस्टर किए, जो अगस्त की तुलना में 26% कम हैं। हुंडई के रजिस्ट्रेशन 6% घटकर 789 यूनिट रहे, हालांकि सालाना आधार पर इनमें 95% की वृद्धि हुई। BYD के रजिस्ट्रेशन 47% बढ़कर 831 यूनिट रहे, जबकि बीएमडब्ल्यू के रजिस्ट्रेशन 73% बढ़कर 501 यूनिट और टेस्ला के रजिस्ट्रेशन 111% बढ़कर 279 यूनिट हो गए। अप्रैल-सितंबर के दौरान टाटा मोटर्स के 76,580 और महिंद्रा के 43,677 ईवी रजिस्ट्रेशन हुए।
नुवामा के अनुसार, अधिक मॉडल विकल्प और इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती aspirational value के कारण ग्राहकों के बीच ईवी की स्वीकार्यता बढ़ रही है। अप्रैल-सितंबर में टाटा मोटर्स और महिंद्रा की संयुक्त हिस्सेदारी करीब 63% रही, जबकि जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया (JSW MG Motor India) की हिस्सेदारी 17.4% थी। किया के पहली छमाही के रजिस्ट्रेशन 219% बढ़कर 4,134 यूनिट रहे। मौजूदा रफ्तार को देखते हुए वित्त वर्ष 2027 में भारत के इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल रजिस्ट्रेशन 3.8 लाख यूनिट से ज्यादा पहुंचने का अनुमान है।