भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर ब्रांड e-SPRINTO अक्टूबर 2026 में व्यक्तिगत खरीदारों के लिए एक नया हाई-स्पीड इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। कंपनी के अनुसार, नया मॉडल भारतीय परिवारों और रोजाना आने-जाने वाले ग्राहकों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। स्कूटर में एक बार चार्ज करने पर 130 किलोमीटर तक की दावा की गई रेंज मिलेगी।
कंपनी का कहना है कि नया इलेक्ट्रिक स्कूटर डेली कम्यूटिंग और फैमिली यूज के लिए डिजाइन किया गया है। इसे रोजमर्रा की उपयोगिता, परफॉर्मेंस और इलेक्ट्रिक एफिशिएंसी को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। हालांकि, 130 किमी की रेंज कंपनी का दावा है, और फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि यह आंकड़ा किस टेस्टिंग प्रक्रिया के आधार पर हासिल किया गया है। कंपनी ने अभी स्कूटर की टॉप स्पीड की जानकारी भी साझा नहीं की है।
फिलहाल e-SPRINTO ने नए मॉडल से जुड़ी ज्यादातर जानकारियां सार्वजनिक नहीं की हैं। कंपनी ने अभी तक इसके फीचर्स, डिजाइन, कीमत और उपलब्धता का खुलासा नहीं किया है। इन जानकारियों को अक्टूबर में लॉन्च से पहले चरणबद्ध तरीके से सामने लाए जाने की उम्मीद है।
नया स्कूटर कंपनी के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि e-SPRINTO अब तक मुख्य रूप से बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) सेगमेंट में काम करती रही है। इस सेगमेंट में कंपनी कारोबारी जरूरतों के हिसाब से इलेक्ट्रिक स्कूटर उपलब्ध कराती है। अब नया मॉडल बिजनेस-टू-कंज्यूमर (B2C) सेगमेंट में कंपनी की एंट्री को मजबूत करेगा और सीधे व्यक्तिगत ग्राहकों को लक्षित करेगा।
कंपनी के अनुसार, B2B सेगमेंट में काम करने के दौरान मिले बाजार अनुभव और रोजाना दोपहिया वाहनों के इस्तेमाल की समझ के आधार पर वह कंज्यूमर प्रोडक्ट्स विकसित कर रही है। नया स्कूटर डिलीवरी फ्लीट्स को वाहन उपलब्ध कराने से आगे बढ़कर भारतीय ग्राहकों और परिवारों तक पहुंच बनाने की दिशा में कंपनी का कदम है।
e-SPRINTO ने कहा कि यह लॉन्च भारत के बढ़ते इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में उसके विस्तार का हिस्सा है। कंपनी भारतीय ग्राहकों की बदलती जरूरतों के अनुरूप नए प्रोडक्ट्स विकसित करने पर काम कर रही है। e-SPRINTO की स्थापना विनोद गुप्ता, अतुल गुप्ता और शालू गुप्ता ने की है। कंपनी का लक्ष्य इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में अपनी दीर्घकालिक मौजूदगी मजबूत करना और पेट्रोल-डीजल से चलने वाले इंटरनल कंबशन इंजन (ICE) वाहनों से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बदलाव को बढ़ावा देना है।