टाटा मोटर्स ने कमर्शियल इलेक्ट्रिक व्हीकल लीजिंग प्लेटफॉर्म Drivn के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) किया है। इस साझेदारी के तहत दोनों कंपनियां भारत में इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल्स के लिए कस्टमाइज्ड लीजिंग और फाइनेंसिंग मॉडल पेश करेंगी। दोनों कंपनियों ने अगले दो वर्षों में 1,000 से ज्यादा इलेक्ट्रिक ट्रकों को तैनात करने की योजना बनाई है।
साझेदारी का मुख्य उद्देश्य फ्लीट ऑपरेटर्स के सामने आने वाली प्रमुख चुनौतियों को कम करना है। इनमें इलेक्ट्रिक वाहनों की अधिक शुरुआती खरीद लागत, एसेट का बेहतर उपयोग, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की योजना और वाहनों की तैनाती में लगने वाला समय शामिल है। लीजिंग और फाइनेंसिंग मॉडल के जरिए कंपनियां इलेक्ट्रिक ट्रकों को ग्राहकों के लिए अधिक सुलभ बनाने पर फोकस करेंगी।
इस पहल में टाटा मोटर्स की हाल ही में पेश की गई इलेक्ट्रिक ट्रक रेंज का इस्तेमाल किया जाएगा। Tata Trucks.ev ब्रांड के तहत आने वाली इस रेंज में 7 टन से 55 टन तक के ग्रॉस व्हीकल वेट (GVW) वाले इलेक्ट्रिक ट्रक शामिल हैं।
ये इलेक्ट्रिक ट्रक Intelligent Modular Electric Vehicle (IMOEV) आर्किटेक्चर पर आधारित हैं और ई-कॉमर्स डिस्ट्रीब्यूशन, कंस्ट्रक्शन मटेरियल ट्रांसपोर्ट और पोर्ट ऑपरेशंस जैसे विभिन्न लॉजिस्टिक्स सेगमेंट की जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार किए गए हैं।
टाटा मोटर्स लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट और बिजनेस हेड -ट्रक राजेश कौल ने कहा कि कंपनी क्लीन मोबिलिटी को अधिक सुलभ बनाने और भारत के सस्टेनेबल ट्रांसपोर्टेशन की ओर बदलाव को तेज करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि Drivn के साथ साझेदारी के जरिए कंपनी इलेक्ट्रिक ट्रकों को ग्राहकों के लिए अधिक सुलभ बनाना चाहती है।
उन्होंने आगे कहा कि टाटा मोटर्स की इलेक्ट्रिक ट्रक रेंज को बेहतर परफॉर्मेंस, विश्वसनीयता और ऑपरेटिंग इकोनॉमिक्स को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है, ताकि यह ग्राहकों की बदलती जरूरतों को पूरा कर सके।