इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता Ultraviolette Automotive ने कर्नाटक सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत कंपनी अगले पांच वर्षों में राज्य में अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने के लिए निवेश करेगी। यह समझौता बेंगलुरु में आयोजित ‘इन्वेस्ट कर्नाटक’ कॉन्क्लेव के दौरान किया गया।
इस विस्तार योजना को दो चरणों में लागू किया जाएगा। पहले चरण में कंपनी अपने मौजूदा प्लांट की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए करीब ₹200 करोड़ का निवेश करेगी। दूसरे चरण में एक नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित किया जाएगा, जिसकी सालाना उत्पादन क्षमता 1.5 लाख यूनिट तक होगी।
इस पहल से राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होने, लोकल सप्लाई चेन मजबूत होने और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेक्टर में इनोवेशन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। कर्नाटक सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) और तेज प्रशासनिक मंजूरी जैसी सुविधाएं देने का प्रस्ताव रखा है।
अल्ट्रावॉयलेट (Ultraviolette) के सीईओ और को-फाउंडर नारायण सुब्रमण्यम ने कहा कि यह निवेश कर्नाटक के मजबूत ईवी इकोसिस्टम और अनुकूल नीतियों पर कंपनी के भरोसे को दर्शाता है। वहीं, सीटीओ निराज राजमोहन ने राज्य में उपलब्ध इंजीनियरिंग टैलेंट और इंडस्ट्रियल हब की नजदीकी को इस विस्तार का प्रमुख कारण बताया।
वर्ष 2016 में बेंगलुरु में स्थापित अल्ट्रावॉयलेट (Ultraviolette) वर्तमान में F77 परफॉर्मेंस मोटरसाइकिल और X-47 क्रॉसओवर जैसे प्रोडक्ट्स पेश करती है। कंपनी देशभर में 40 से अधिक एक्सपीरियंस सेंटर स्थापित कर चुकी है और 2026 तक 100 शहरों तक विस्तार का लक्ष्य रखती है।
इसके अलावा, अल्ट्रावॉयलेट (Ultraviolette) ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कदम रखा है और इसके वाहन 12 यूरोपीय देशों में उपलब्ध हैं। कंपनी आने वाले समय में एशिया और लैटिन अमेरिका में भी विस्तार की योजना बना रही है।