यूनियन बजट 2026-27 में शिक्षा, STEM और विज्ञान क्षेत्र को बढ़ावा देने के अहम प्रस्ताव

यूनियन बजट 2026-27 में शिक्षा, STEM और विज्ञान क्षेत्र को बढ़ावा देने के अहम प्रस्ताव

यूनियन बजट 2026-27 में शिक्षा, STEM और विज्ञान क्षेत्र को बढ़ावा देने के अहम प्रस्ताव
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कल 1 फरवरी, 2026 को संसद में यूनियन बजट 2026-27 पेश किया। जिसमें शिक्षा, शोध और सेवा क्षेत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से कई पहलें घोषित की गईं।


यूनियन बजट 2026-27 में सेवाओं, शिक्षा, डिजाइन, STEM और खगोल विज्ञान को बढ़ावा देने के लिए कई नई पहलें प्रस्तावित की गई हैं। इनमें नई समितियों का गठन, संस्थानों की स्थापना, यूनिवर्सिटी टाउनशिप, लड़कियों के लिए हॉस्टल और उन्नत टेलीस्कोप सुविधाएं शामिल हैं।

‘एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइज’ नामक समिति का होगा गठन 

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कल 1 फरवरी, 2026 को संसद में यूनियन बजट 2026-27 पेश किया। जिसमें शिक्षा, शोध और सेवा क्षेत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से कई पहलें घोषित की गईं। बजट में ‘एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइज’ नाम से एक उच्चस्तरीय स्थायी समिति बनाने का प्रस्ताव है, जो सेवा क्षेत्र के लिए जरूरी सुझाव देगी। सेवा क्षेत्र को भारत की आर्थिक वृद्धि का एक प्रमुख आधार माना गया है।

यह समिति रोजगार, निर्यात और वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने पर ध्यान देगी। इसका लक्ष्य 2047 तक वैश्विक सेवा बाजार में भारत की 10 प्रतिशत हिस्सेदारी सुनिश्चित करना है। समिति उभरती तकनीकों, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, के रोजगार और कौशल पर पड़ने वाले प्रभाव का भी अध्ययन करेगी। डिजाइन शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बजट में पूर्वी भारत में एक नए राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन) की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया है, जिसे ‘चैलेंज रूट’ के जरिए स्थापित किया जाएगा। इसका उद्देश्य देश में कुशल डिजाइनरों की बढ़ती मांग को पूरा करना है।

सरकार ने बड़े औद्योगिक और लॉजिस्टिक कॉरिडोर के पास पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित करने की भी योजना बनाई है। इन टाउनशिप में विश्वविद्यालय, शोध संस्थान, कौशल केंद्र और आवासीय सुविधाएं होंगी, जिससे शिक्षा और उद्योग के बीच बेहतर तालमेल बनेगा।

STEM क्षेत्रों में पढ़ने वाली छात्राओं को होने वाली समस्याओं को ध्यान में रखते हुए बजट में हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाने का प्रस्ताव किया गया है। इसके लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग या पूंजीगत सहायता प्रदान की जाएगी।

इसके अलावा खगोल भौतिकी और खगोल विज्ञान के शोध को बढ़ावा देने के लिए चार प्रमुख टेलीस्कोप सुविधाओं की स्थापना या उन्नयन किया जाएगा। इनमें नेशनल लार्ज सोलर टेलीस्कोप, नेशनल लार्ज ऑप्टिकल इन्फ्रारेड टेलीस्कोप, हिमालयन चंद्रा टेलीस्कोप और कॉसमॉस-2 प्लेनेटेरियम शामिल हैं। अत: ये सभी पहलें भारत की दीर्घकालिक विकास रणनीति के तहत शिक्षा, कौशल विकास, शोध और प्रौद्योगिकी पर सरकार के विशेष फोकस को दर्शाती हैं।

 

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