यह विचार रायगढ़ जिले (अलीबाग) की एसपी आंचल दलाल के साथ हुई बातचीत से आया। उन्होंने चुनौती दी थी कि AI को गांवों तक पहुंचाया जाए, क्योंकि अभी ग्रामीण लोग मोबाइल का इस्तेमाल सिर्फ वीडियो देखने और बात करने के लिए कर रहे हैं। 27 मार्च को आयोजित कार्यक्रम में UAi के छात्रों ने नुक्कड़ नाटक के जरिए करजत के कुशिवली गांव के आदिवासी लोगों को AI के फायदे समझाए।
UAi के छात्रों ने 5 छोटे-छोटे नाटक पेश किए, जिनमें बताया गया कि AI कैसे रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बना सकता है। इसमें यह दिखाया गया कि घर में उपलब्ध चीजों से खाना बनाने में AI कैसे मदद कर सकता है, यात्रा के दौरान सुरक्षा कैसे बढ़ा सकता है, खेती में कीड़ों से फसल बचाने के उपाय कैसे बता सकता है, सरकारी योजनाओं के जरिए स्वास्थ्य और बीमा में मदद कर सकता है और शिक्षा को कैसे बेहतर बना सकता है।
यह पहल तरुण आनंद चांसलर) की सोच से प्रेरित है और डॉ. साइमन (फाउंडिंग वाइस चांसलर) व डॉ. शिल्पा जोशी (डीन) के सहयोग से चल रही है। यह कार्यक्रम समावेशी (inclusive) और उद्देश्यपूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देता है। इसमें डॉ. शिल्पा जोशी अकादमिक नेतृत्व कर रही हैं और डॉ. शिवाजी पवार मार्गदर्शन दे रहे हैं।
इस योजना की खास बात यह है कि इसे छात्रों द्वारा संचालित (student-led) किया जा रहा है। B.Tech के पहले और दूसरे वर्ष के छात्रों ने खुद AI ट्रेनिंग तैयार की और गांवों में जाकर लोगों को सिखाया। उन्होंने स्थानीय जरूरतों के हिसाब से आसान भाषा में AI को समझाया, ताकि हर कोई इसे आसानी से समझ सके।
यह पहल खासतौर पर तीन क्षेत्रों पर फोकस करती है,
खेती, शिक्षा और स्वास्थ्य। इसमें स्मार्ट फार्मिंग, फसल की भविष्यवाणी, मौसम की जानकारी, डिजिटल साक्षरता और भविष्य के लिए जरूरी स्किल्स जैसी चीजें सिखाई गईं।
चांसलर तरुण आनंद ने कहा, “अगर हम AI के जरिए गांवों तक सकारात्मक बदलाव ला सकें, तो यही असली जिम्मेदार AI है। हमारा उद्देश्य है कि AI सिर्फ शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि किसान, छात्र और गांव के परिवार भी इसका फायदा उठा सकें।”
रायगढ़ की एसपी आंचल दलाल ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा, “मुझे खुशी है कि यूनिवर्सिटी ने इस चुनौती को स्वीकार किया और गांवों तक AI पहुंचाया। नुक्कड़ नाटक के जरिए आदिवासी लोगों और बच्चों को AI को समझने में काफी मदद मिली। इसी तरह शिक्षा और प्रशासन मिलकर देश को
आगे बढ़ा सकते हैं।”
निष्कर्ष: ग्रामीण AI योजना’ के जरिए Universal AI University ने तकनीक और सामाजिक जिम्मेदारी को जोड़ने का काम किया है। यह पहल गांवों के विकास, आर्थिक प्रगति और सभी वर्गों तक तकनीक पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।