जनवरी से मार्च 2026 के बीच कुल 74 फंडिंग राउंड दर्ज किए गए, जबकि Q1 2025 में यह संख्या 145 थी। यानी डील्स में लगभग 48 प्रतिशत की कमी आई, लेकिन निवेश राशि काफी बड़ी रही।
Tracxn की “Geo Quarterly Report: Maharashtra Tech - Q1 2026” के अनुसार, राज्य का स्टार्टअप इकोसिस्टम अब एक कंसोलिडेशन फेज से गुजर रहा है। इसका मतलब है कि निवेश अब चुनिंदा कंपनियों, सेक्टर्स और शहरों में ज्यादा केंद्रित हो रहा है, बजाय इसके कि पूंजी बड़े स्तर पर सभी जगह वितरित हो।
रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती चरण (Early-Stage) की फंडिंग ने कुल निवेश का लगभग 68 प्रतिशत हिस्सा हासिल किया। इस श्रेणी में 922 मिलियन डॉलर का निवेश हुआ, जिसमें Neysa की 600 मिलियन डॉलर की Series B फंडिंग का बड़ा योगदान रहा।
वहीं, सीड स्टेज निवेश में भारी गिरावट देखने को मिली। इस चरण में 42 राउंड्स के जरिए केवल 24.6 मिलियन डॉलर जुटाए गए, जो पिछले साल की तुलना में 75 प्रतिशत कम है। इससे यह संकेत मिलता है कि शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स में निवेशकों की रुचि कम हुई है।
इस तिमाही में कुछ बड़े सौदों का फंडिंग माहौल पर खास असर रहा। Neysa और Weaver ने मिलकर कुल निवेश का आधे से ज्यादा हिस्सा जुटाया। इसके अलावा GreenCell Mobility, Ecofy और Exxat जैसी कंपनियों ने भी महत्वपूर्ण निवेश हासिल किया।
निवेशकों की बात करें तो StartupLanes, Inflection Point Ventures और Venture Catalysts सीड स्टेज निवेश में सबसे सक्रिय रहे। वहीं, Early-Stage निवेश में Peak XV Partners, Sixth Sense Ventures और Unilever Ventures प्रमुख निवेशक रहे। Late-Stage निवेश में Elev8 और Sofina की महत्वपूर्ण भागीदारी रही।
सेक्टर के हिसाब से Enterprise Applications सबसे आगे रहा, जिसमें 884 मिलियन डॉलर का निवेश हुआ। इसके बाद FinTech सेक्टर में 315 मिलियन डॉलर और Retail सेक्टर में 216 मिलियन डॉलर का निवेश दर्ज किया गया। Enterprise सेक्टर में निवेश बढ़ने का मुख्य कारण AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती मांग रही।
भौगोलिक दृष्टि से मुंबई महाराष्ट्र का सबसे बड़ा स्टार्टअप हब बना रहा, जहां कुल फंडिंग का लगभग 90 प्रतिशत निवेश आया। पुणे को 8 प्रतिशत हिस्सा मिला, जबकि ठाणे, नासिक और नवी मुंबई जैसे शहरों की हिस्सेदारी सीमित रही।
इस तिमाही में कुछ महत्वपूर्ण एग्जिट्स भी देखने को मिले, जिनमें Fractal Analytics का IPO और कुछ अधिग्रहण शामिल हैं। कुल मिलाकर रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि महाराष्ट्र का स्टार्टअप बाजार अब बड़े पैमाने, सेक्टर-फोकस और मजबूत निवेशक भरोसे के आधार पर आगे बढ़ रहा है।