तमिलनाडु में टेक फंडिंग में गिरावट: रिपोर्ट

तमिलनाडु में टेक फंडिंग में गिरावट: रिपोर्ट

तमिलनाडु में टेक फंडिंग में गिरावट: रिपोर्ट
रिपोर्ट के अनुसार, 2024 की तुलना में लेट-स्टेज फंडिंग में हल्की गिरावट आई, लेकिन यह 2023 के मुकाबले काफी ज्यादा रही। वहीं सीड और शुरुआती चरण (अर्ली-स्टेज) की फंडिंग पिछले वर्षों की तुलना में कम हुई।


Tracxn की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में तमिलनाडु की टेक कंपनियों ने कुल 665 मिलियन अमेरिकी डॉलर जुटाए। यह पिछले साल 677 मिलियन डॉलर की तुलना में 3 प्रतिशत कम है। लेट-स्टेज फंडिंग में हल्की कमी आई, लेकिन यह 2023 से काफी बेहतर रही। वहीं सीड और अर्ली-स्टेज निवेश में गिरावट देखी गई।

रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में सीड-स्टेज फंडिंग 35 मिलियन डॉलर रही। यह 2024 में जुटाए गए 51.7 मिलियन डॉलर से 32 प्रतिशत कम है और 2023 में जुटाए गए 55.8 मिलियन डॉलर से 37 प्रतिशत कम है।

रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में तमिलनाडु के टेक इकोसिस्टम में एंटरप्राइज एप्लिकेशन, एयरोस्पेस, मैरीटाइम और डिफेंस टेक तथा फिनटेक सेक्टर सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले रहे। एंटरप्राइज एप्लिकेशन सेक्टर में 2025 में 297 मिलियन डॉलर की फंडिंग हुई, जो 2024 के 160 मिलियन डॉलर से 86 प्रतिशत ज्यादा और 2023 के 116 मिलियन डॉलर से 156 प्रतिशत ज्यादा है।

साल 2025 में तमिलनाडु में 100 मिलियन डॉलर से ज्यादा के 2 बड़े फंडिंग राउंड हुए, जबकि 2024 और 2023 में ऐसे केवल 1-1 राउंड हुए थे। इस दौरान Uniphore और Access Healthcare जैसी कंपनियों ने 100 मिलियन डॉलर से ज्यादा की फंडिंग हासिल की। Uniphore ने Series F राउंड में 260 मिलियन डॉलर जुटाए, जबकि Access Healthcare ने प्राइवेट इक्विटी राउंड में 211 मिलियन डॉलर प्राप्त किए। 2025 में 100 मिलियन डॉलर से ज्यादा की ज्यादातर फंडिंग एंटरप्राइज एप्लिकेशन सेक्टर से आई।

2025 में कोई नया यूनिकॉर्न नहीं बना, जैसा कि 2024 और 2023 में भी देखा गया था। राज्य में 2025 में कोई IPO भी नहीं हुआ। यह 2024 जैसा ही रहा और 2023 में हुए एक IPO की तुलना में 100 प्रतिशत की गिरावट है।

M&A (विलय और अधिग्रहण) के मामले में, तमिलनाडु की टेक कंपनियों ने 2025 में 12 अधिग्रहण पूरे किए। यह 2024 के 7 सौदों से 71 प्रतिशत ज्यादा और 2023 के 8 सौदों से 50 प्रतिशत ज्यादा है। साल का सबसे बड़ा सौदा Resulticks को Diginex द्वारा 2 बिलियन डॉलर में खरीदना था। इसके बाद NIIT ने iamneo.ai को 7.2 मिलियन डॉलर में खरीदा। वहीं साल 2025 में तमिलनाडु में जुटाई गई कुल फंडिंग में लगभग 100 प्रतिशत योगदान चेन्नई मुख्यालय वाली टेक कंपनियों का रहा।

निवेशकों की बात करें तो 2025 में सीड-स्टेज पर Navyug Global, Inflection Point Ventures और Rainmatter सबसे सक्रिय निवेशक रहे। अर्ली-स्टेज में Peak XV Partners, Accel और Kalaari Capital प्रमुख निवेशक रहे। वहीं लेट-स्टेज डील्स में Avatar Growth Capital और Prosperity7 Ventures सबसे आगे रहे, जिन्होंने परिपक्व टेक कंपनियों में निवेश किया।

कुल मिलाकर, 2025 में तमिलनाडु के टेक इकोसिस्टम ने लगभग 655 मिलियन डॉलर जुटाए, जिसमें लेट-स्टेज डील्स का बड़ा हिस्सा रहा। एंटरप्राइज एप्लिकेशन सेक्टर फंडिंग में सबसे आगे रहा। बड़े निवेश राउंड होने के बावजूद कोई नया यूनिकॉर्न नहीं बना। चेन्नई ने लगभग पूरी पूंजी आकर्षित की, जबकि अधिग्रहण गतिविधियां साल-दर-साल मजबूत हुईं, जिसमें 2 बिलियन डॉलर का Resulticks सौदा सबसे बड़ा रहा।

Subscribe Newsletter
Submit your email address to receive the latest updates on news & host of opportunities