केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बजट 2026-27 की सराहना करते हुए इसे युवा शक्ति पर आधारित बजट बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट शिक्षा और रोजगार सृजन को बढ़ावा देगा और देश के विकास के अगले चरण की दिशा तय करेगा। मंत्री ने बताया कि शिक्षा मंत्रालय के लिए कुल बजट बढ़कर ₹1,39,289.48 करोड़ हो गया है, जो 2025-26 की तुलना में 8.27 प्रतिशत अधिक है।
प्रधान ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 भारत की विकास क्षमता को पूरी तरह इस्तेमाल करने, सभी वर्गों के लिए समावेशी विकास सुनिश्चित करने और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने का एक मजबूत रोडमैप है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह बजट भविष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जो युवाओं को सशक्त बनाएगा, रोजगार को बढ़ावा देगा और आम जनता के हित में है। यह बजट गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को राहत और खुशी देने वाला है।
मंत्री ने कहा कि यह बजट तीन प्रमुख उद्देश्यों से प्रेरित है आर्थिक विकास को तेज और स्थिर बनाना, लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और सभी के लिए अवसरों और संसाधनों की पहुंच सुनिश्चित करना। उन्होंने बताया कि यह बजट शिक्षा, नवाचार और कौशल विकास को मजबूत करेगा, MSME सेक्टर को सशक्त बनाएगा, पर्यटन को बढ़ावा देगा, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करेगा और टियर-II व टियर-III शहरों को नए विकास केंद्रों में बदलेगा। इससे देश में सुधारों की रफ्तार तेज होगी और 140 करोड़ लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
मंत्री ने कहा कि वित्त मंत्री द्वारा बताए गए तीन कर्तव्य, अन्य बातों के अलावा, आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए युवाओं की क्षमता को मज़बूत करने पर ध्यान केंद्रित करते हैं।
मंत्री ने बताया कि भारत ने STEM शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी के मामले में दुनिया में बहुत अच्छी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि STEM संस्थानों और कोर्स में लड़कियों की संख्या को और बढ़ाने के लिए सरकार हर जिले में लड़कियों के लिए एक हॉस्टल बनाएगी। यह हॉस्टल वायबिलिटी गैप फंडिंग और पूंजीगत सहायता के जरिए स्थापित किए जाएंगे।
प्रधान ने यह भी कहा कि बजट में बड़े औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर के पास पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। उन्होंने बताया कि इन योजनाबद्ध शैक्षणिक क्षेत्रों में कई विश्वविद्यालय, कॉलेज, शोध संस्थान, कौशल केंद्र और रहने की सुविधाएं भी होंगी।
मंत्री ने बताया कि सेवा क्षेत्र पर विशेष ध्यान देते हुए शिक्षा से रोजगार और उद्यम (Education to Employment and Enterprise) के लिए एक उच्चस्तरीय स्थायी समिति बनाने का प्रस्ताव है। यह समिति विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी। समिति आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी नई तकनीकों का रोजगार और कौशल की जरूरतों पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन करेगी। साथ ही, यह स्कूल स्तर से ही पाठ्यक्रम में AI को शामिल करने और शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए SCERT संस्थानों को मजबूत करने जैसे सुझाव देगी।
शिक्षा मंत्री ने 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (AVGC) कंटेंट क्रिएटर लैब्स बनाने के प्रस्ताव की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य 2030 तक तेजी से बढ़ते AVGC सेक्टर के लिए 20 लाख प्रोफेशनल्स को तैयार करना और उन्हें बेहतर मंच देना है।
बजट आवंटन 2026-27 की मुख्य बातें :
उच्च शिक्षा
वित्त वर्ष 2026-27 में कुल बजट आवंटन 55727.22 करोड़ रुपये है, जिसमें से योजना आवंटन 10142.40 करोड़ रुपये और गैर-योजना आवंटन 45584.82 करोड़ रुपये है। वित्त वर्ष 2026-27 में उच्च शिक्षा विभाग के बजट आवंटन में वित्त वर्ष 2025-26 की तुलना में कुल 5649.27 करोड़ रुपये (11.28%) की वृद्धि हुई है।
प्रमुख स्वायत्त निकायों (उच्च शिक्षा) को आवंटन
केंद्रीय विश्वविद्यालयों के लिए 17,440.00 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जो वर्ष 2025-26 की तुलना में 748.69 करोड़ रुपये (4.49 प्रतिशत) अधिक है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) को 2026-27 में 3,709.00 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जो पिछले वर्ष से 373.03 करोड़ रुपये (11.18 प्रतिशत) ज्यादा हैं।
- भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) के लिए 2026-27 में 12,123.00 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो 2025-26 के बजट से 774.00 करोड़ रुपये (6.82 प्रतिशत) अधिक है।
- राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (NITs) को वित्त वर्ष 2026-27 में 6,260.00 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जिससे पिछले वर्ष की तुलना में 572.53 करोड़ रुपये (10.07 प्रतिशत) की बढ़ोतरी हुई है।
- डीम्ड विश्वविद्यालयों को 2026-27 में 650.00 करोड़ रुपये का बजट मिला है, जो 2025-26 से 46 करोड़ रुपये (7.62 प्रतिशत) ज्यादा है और भारतीय प्रबंधन संस्थानों (IIMs) के लिए सहायता के तौर पर 2026-27 में 292.00 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो पिछले वर्ष के बजट से 40.11 करोड़ रुपये (15.92 प्रतिशत) अधिक है।
प्रमुख योजनाओं के लिए आवंटन (उच्च शिक्षा)
पीएम-वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन (PM-ONOS) योजना के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में 2,200.00 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। पीएम रिसर्च चेयर (PMRC) योजना वर्ष 2026-27 में शुरू की गई एक नई योजना है, जिसके लिए 200.00 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए उत्कृष्टता केंद्र (CoEs) स्थापित करने की योजना भी 2026-27 में नई है। इसके लिए 100.00 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। वहीं, विश्व स्तरीय संस्थानों के लिए 900.00 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो 2025-26 के बजट अनुमान से 424.88 करोड़ रुपये (89.43 प्रतिशत) अधिक है।
मल्टीडिसिप्लिनरी एजुकेशन एंड रिसर्च इम्प्रूवमेंट इन टेक्निकल एजुकेशन–ईएपी (MERITE) योजना के तहत वित्त वर्ष 2026-27 में 300 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। यह राशि 2025-26 के बजट की तुलना में 80.00 करोड़ रुपये (36.36 प्रतिशत) अधिक है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में तीन उत्कृष्टता केंद्र (CoEs) स्थापित करने की योजना के लिए 2026-27 में 250 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो पिछले वर्ष के बजट से 50.00 करोड़ रुपये (25.00 प्रतिशत) ज्यादा है। इसके अलावा, पीएम-ऊषा योजना के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में 1,850 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है, जो 2025-26 की तुलना में 35.00 करोड़ रुपये (1.93 प्रतिशत) अधिक है। वहीं PM-USP स्कीम के लिए, वित्त वर्ष 2026-27 में बजट आवंटन 1560 करोड़ रुपये रखा गया है।
‘नेशनल अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग स्कीम (NATS)’ योजना में, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1250.00 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो बजट अनुमान 2025-26 में आवंटन से 72.00 करोड़ रुपये (6.11%) ज़्यादा है, पीएम-रिसर्च फेलोशिप (PMRF)’ योजना में, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 600 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है और साथ ही आईसीटी के माध्यम से शिक्षा में राष्ट्रीय मिशन’ योजना में, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 650 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
स्कूल शिक्षा और साक्षरता
वित्त वर्ष 2026-27 में स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के लिए कुल ₹83,562 करोड़ का बजट रखा गया है, जो अब तक का सबसे अधिक आवंटन है। वित्त वर्ष 2026-27 में इस विभाग के बजट में 2025-26 के बजट अनुमान की तुलना में ₹4,990 करोड़ (6.35 प्रतिशत) की बढ़ोतरी की गई है। वहीं, 2025-26 के संशोधित अनुमान की तुलना में यह बढ़ोतरी ₹12,995 करोड़ (18.42 प्रतिशत) है।
केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) और नवोदय विद्यालय समिति (NVS) के लिए भी अब तक का सबसे अधिक बजट आवंटन किया गया है। केवीएस के लिए ₹10,129.41 करोड़ और एनवीएस के लिए ₹6,025 करोड़ रखे गए हैं। यह 2025-26 की तुलना में केवीएस के लिए ₹625.57 करोड़ और एनवीएस के लिए ₹719.77 करोड़ अधिक है।
वित्त वर्ष 2026-27 में प्रमुख योजनाओं के बजट में भी बढ़ोतरी की गई है। बजट अनुमान 2025-26 की तुलना में समग्र शिक्षा योजना के लिए ₹850.02 करोड़ और पीएम-पोषण योजना के लिए ₹250 करोड़ अधिक रखे गए हैं। वहीं, संशोधित अनुमान 2025-26 की तुलना में समग्र शिक्षा के लिए ₹4,100 करोड़ (10.79 प्रतिशत), पीएम-पोषण के लिए ₹2,150 करोड़ (20.28 प्रतिशत) और पीएम-श्री योजना के लिए ₹3,000 करोड़ (66.67 प्रतिशत) की बढ़ोतरी की गई है।
स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग की केंद्रीय क्षेत्र योजनाओं के तहत अटल टिंकरिंग लैब्स (ATL) नाम की एक नई प्रमुख पहल शुरू की गई है। यह योजना संशोधित अनुमान 2025-26 चरण में शुरू की गई थी और इसके लिए वित्त वर्ष 2026-27 में ₹3,200 करोड़ का आवंटन किया गया है।
वित्त वर्ष 2026-27 में कुल ₹83,562.26 करोड़ के बजट में से ₹66,641.02 करोड़ योजना मद के लिए और ₹16,921.24 करोड़ गैर-योजना मद के लिए रखे गए हैं।
बजट अनुमान 2026-27 में योजना मद का आवंटन 2025-26 की तुलना में ₹3,552.02 करोड़ (5.63 प्रतिशत) बढ़ाया गया है। वहीं, संशोधित अनुमान 2025-26 की तुलना में योजना मद में ₹12,032 करोड़ (22.03 प्रतिशत) और गैर-योजना मद में ₹963.12 करोड़ (6.04 प्रतिशत) की वृद्धि हुई है।
बजट 2026-27 के अहम फैसलें
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने रविवार को पेश हुए ऐतिहासिक बजट 2026-27 की सराहना करते हुए इसे युवा शक्ति संचालित बजट बताया, जिसके माध्यम से शिक्षा के वैश्विक हेतु शिक्षा मंत्रालय के लिए कुल बजट आवंटन ₹139289.48 करोड़ तक पहुंच गया है, जो बजट अनुमान 2025-26 की तुलना में 8.27% की वृद्धि है।
इस आवंटन बजट से कई विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, अनुसंधान संस्थानों, कौशल केंद्रों और आवासीय परिसरों के लिए पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप स्थापित किए जाएंगे, हर जिले में लड़कियों का एक हॉस्टल स्थापित किया जाएगा और सेवा क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करने वाले उपायों की सिफारिश करने के लिए उच्चाधिकार प्राप्त 'शिक्षा से रोजगार और उद्यम' स्थायी समिति का गठन भी किया जाएगा।
कुल-मिलाकर शिक्षण क्षेत्र के विकास के लिए आवंटित बजट 2026-27 युवाओं को सशक्त बनाएगा, शिक्षा और रोजगार को नई दिशा देगा और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।