इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य इनक्यूबेटर्स को बढ़ावा देना, समावेशी नवाचार को आगे बढ़ाना और राज्यों व केंद्र सरकार के बीच सहयोग को मजबूत करना था।
इस क्षेत्रीय सम्मेलन में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड और दिल्ली के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा स्टार्टअप काउंसिल्स, इनक्यूबेटर्स, उद्योग जगत के विशेषज्ञ, CSR पार्टनर्स, शिक्षण संस्थानों और स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े कई लोगों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
नवाचार और स्टार्टअप्स को मजबूत बनाने पर चर्चा
सम्मेलन में इनक्यूबेशन इकोसिस्टम को मजबूत करने, राज्य स्तर की नवाचार योजनाओं को आगे बढ़ाने और सरकार, शिक्षा जगत, उद्योग एवं स्टार्टअप्स के बीच सहयोग बढ़ाने पर विशेष चर्चा हुई।
कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि नवाचार आधारित शिक्षा और स्टार्टअप्स देश के आर्थिक विकास में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। साथ ही युवाओं को नए क्षेत्रों में उद्यमिता और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए मजबूत इनोवेशन नेटवर्क की जरूरत बताई गई।
‘विकसित भारत’ विजन में नवाचार की अहम भूमिका
राज्यसभा सांसद और चंडीगढ़ ग्रुप ऑफ कॉलेजेस (CGC, Landran) के चेयरमैन सरदार सतनाम सिंह संधू ने अटल नवाचार मिशन की सराहना करते हुए कहा कि AIM क्षेत्रीय स्तर पर ऐसे सहयोगी मंच तैयार कर रहा है, जो भारत की नवाचार आधारित विकास यात्रा को गति दे रहे हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ विजन को साकार करने में उद्यमिता और नवाचार की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि पंजाब और जम्मू-कश्मीर में युवाओं के भीतर उद्यमिता की मजबूत क्षमता है और दोनों राज्यों के बीच सहयोग से स्टार्टअप्स और उद्योगों के लिए नए अवसर पैदा होंगे।
इनक्यूबेटर्स को मिलेगा मजबूत समर्थन
नीति आयोग के अटल नवाचार मिशन के मिशन निदेशक दीपक बागला ने कहा कि इनक्यूबेटर्स किसी भी सफल स्टार्टअप इकोसिस्टम की रीढ़ होते हैं। ये नए विचारों को आगे बढ़ाने और उन्हें व्यवसाय में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने बताया कि AIM इनक्यूबेटर्स को बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, मेंटरशिप, फंडिंग और मार्केट एक्सेस जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर काम कर रहा है। उनका कहना था कि AIM संवाद जैसे कार्यक्रम राज्यों, उद्योगों, अकादमिक संस्थानों और स्टार्टअप्स के बीच मजबूत नेटवर्क तैयार करने में मदद करेंगे।
हेल्थकेयर और मेडटेक इनोवेशन पर भी फोकस
सम्मेलन के दौरान “अस्पतालों में इनक्यूबेटर” विषय पर एक विशेष सत्र भी आयोजित किया गया। इस सत्र का नेतृत्व आकाश हेल्थकेयर के निदेशक डॉ. आशीष चौधरी ने किया। इस दौरान हेल्थकेयर और मेडटेक सेक्टर में इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए अस्पताल आधारित इनक्यूबेशन मॉडल पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि स्वास्थ्य क्षेत्र में स्टार्टअप्स और नई तकनीकों की भूमिका तेजी से बढ़ रही है।
पंजाब-जम्मू कश्मीर इनक्यूबेशन कंसोर्टियम लॉन्च
कार्यक्रम की एक बड़ी उपलब्धि “पंजाब और जम्मू-कश्मीर इनक्यूबेशन कंसोर्टियम – PI-RAHI” का लॉन्च रहा। इस पहल का उद्देश्य दोनों राज्यों में स्टार्टअप्स, युवाओं और उद्योगों के लिए नए अवसर पैदा करना और क्षेत्रीय नवाचार साझेदारी को मजबूत बनाना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल शिक्षा, स्टार्टअप और उद्योग जगत के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने में मदद करेगी।
ज्ञान और सहयोग का मजबूत मंच बना AIM संवाद
AIM संवाद को ज्ञान साझा करने, नीति निर्माण और रणनीतिक सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है। कार्यक्रम के जरिए स्थानीय स्तर पर नवाचार को बढ़ावा देने और राष्ट्रीय स्तर पर साझेदारी मजबूत करने पर जोर दिया गया। सम्मेलन में स्टार्टअप पंजाब के संयुक्त निदेशक दीपेंद्र ढिल्लों, ISBA के सीईओ प्रसाद मेनन, नीति आयोग के कार्यक्रम प्रमुख प्रतीक देशमुख और कई अन्य विशेषज्ञ भी शामिल हुए।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के सम्मेलन भारत के शिक्षा और स्टार्टअप इकोसिस्टम को भविष्य के लिए तैयार करने और युवाओं को नवाचार आधारित अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।