छात्रों और युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर फोकस, Mpower ने BTECH से मिलाया हाथ

छात्रों और युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर फोकस, Mpower ने BTECH से मिलाया हाथ

छात्रों और युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर फोकस, Mpower ने BTECH से मिलाया हाथ
भारत में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। आदित्य बिड़ला एजुकेशन ट्रस्ट (ABET) की पहल Mpower ने वैश्विक स्तर पर प्रसिद्ध Behavioral Tech Institute (BTECH) के साथ साझेदारी की है।


इस सहयोग के तहत भारत में एक संरचित और एविडेंस-बेस्ड Dialectical Behavior Therapy (DBT) प्रोग्राम शुरू किया जाएगा, जिसका उद्देश्य आत्महत्या और आत्म-हानि (Self-Harm) जैसी गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों को बेहतर सहायता उपलब्ध कराना है।

यह पहल खासतौर पर छात्रों, युवाओं और भावनात्मक तनाव से गुजर रहे लोगों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भारत में हर साल लगभग 1.7 लाख से अधिक आत्महत्या के मामले सामने आते हैं, जिनमें 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं की संख्या काफी अधिक है। विशेषज्ञों के अनुसार, मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर जागरूकता बढ़ी है, लेकिन अभी भी गुणवत्तापूर्ण और वैज्ञानिक उपचार तक पहुंच सीमित है।

क्या है DBT प्रोग्राम?

Dialectical Behavior Therapy (DBT) एक वैज्ञानिक और संरचित थेरेपी है, जिसे डॉ. मार्शा एम. लाइनहन ने विकसित किया था। यह थेरेपी दुनियाभर में आत्महत्या की कोशिशों, आत्म-हानि व्यवहार और गंभीर भावनात्मक तनाव को कम करने में प्रभावी मानी जाती है।

इस प्रोग्राम के जरिए मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों, डॉक्टरों और काउंसलर्स को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे हाई-रिस्क मरीजों को बेहतर उपचार और भावनात्मक सहायता दे सकें।

मुंबई से हुई कार्यक्रम की शुरुआत

इस पहल के तहत मुंबई में पहला DBT Intensive Programme शुरू किया गया है। यह एक साल का संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रम होगा, जिसमें बेसिक और एडवांस मॉड्यूल, केस-बेस्ड कंसल्टेशन, टीम लर्निंग और वास्तविक क्लीनिकल प्रैक्टिस शामिल होगी।

इस कार्यक्रम में देश के कई प्रमुख संस्थान और विशेषज्ञ शामिल हुए हैं, जिनमें NIMHANS, पंजाब हेल्थ मिनिस्ट्री, सायन हॉस्पिटल, नायर हॉस्पिटल, KEM हॉस्पिटल, ठाणे रीजनल मेंटल हॉस्पिटल, माइंडसेट वेलनेस और मसिना हॉस्पिटल शामिल हैं। इसका उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाना है।

युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर रहेगा विशेष फोकस

विशेषज्ञों का मानना है कि आज के समय में छात्रों और युवाओं पर पढ़ाई, करियर, सोशल प्रेशर और डिजिटल लाइफस्टाइल का मानसिक प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में समय पर काउंसलिंग, थेरेपी और मानसिक स्वास्थ्य सहायता बेहद जरूरी हो गई है।

Mpower का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में भारत में DBT-प्रशिक्षित मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मजबूत नेटवर्क तैयार करना है, ताकि सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य संस्थानों में इस थेरेपी को व्यापक रूप से लागू किया जा सके।

नीरजा बिड़ला ने क्या कहा?

Mpower और आदित्य बिड़ला एजुकेशन ट्रस्ट की फाउंडर एवं चेयरपर्सन नीरजा बिड़ला ने कहा कि भारत मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। जागरूकता बढ़ रही है, लेकिन जरूरत और उपचार के बीच अभी भी बड़ा अंतर मौजूद है।

उन्होंने कहा कि DBT दुनिया की सबसे प्रभावी और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित थेरेपी में से एक है। इस सहयोग के जरिए भारत में मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की क्षमता बढ़ाने, बेहतर क्लीनिकल टूल्स उपलब्ध कराने और अधिक मजबूत मानसिक स्वास्थ्य समुदाय तैयार करने की दिशा में काम किया जाएगा।

CSR के तहत मिला सहयोग

इस पहल को Marsh India का भी सहयोग मिला है, जिसने इसे अपने CSR (Corporate Social Responsibility) कार्यक्रम के तहत समर्थन दिया है। Marsh India के सीईओ संजय केडिया ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य समाज और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और ऐसे वैज्ञानिक कार्यक्रम समुदायों को अधिक मजबूत और सुरक्षित बनाने में मदद करेंगे।

वहीं Behavioral Tech Institute के सीईओ डीन लेस्टर (Dean Lester) ने कहा कि भारत में गुणवत्तापूर्ण और एविडेंस-बेस्ड मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत तेजी से बढ़ रही है और यह साझेदारी उसी दिशा में एक बड़ा कदम है।

Mpower क्या है?

Mpower, आदित्य बिड़ला एजुकेशन ट्रस्ट की एक प्रमुख मानसिक स्वास्थ्य पहल है, जिसकी शुरुआत 2016 में नीरजा बिड़ला के नेतृत्व में हुई थी। पिछले एक दशक में इस पहल ने भारत में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने, काउंसलिंग सेवाएं उपलब्ध कराने और लोगों को बिना किसी सामाजिक भेदभाव के सहायता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

Mpower क्लीनिकल सेवाओं, हेल्पलाइन, स्कूल और कॉलेज प्रोग्राम, जागरूकता अभियान और स्पोर्ट्स-आधारित मानसिक स्वास्थ्य पहलों के जरिए लाखों लोगों तक पहुंच बना चुका है। इसका उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समाज में सकारात्मक सोच विकसित करना और जरूरतमंद लोगों तक पेशेवर सहायता पहुंचाना है।

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