अमागी मीडिया लैब्स ने घोषणा की है कि उसका प्रारंभिक सार्वजनिक प्रस्ताव (आईपीओ) 13 जनवरी को सदस्यता के लिए खुलेगा, जिसका मूल्य बैंड 343 रुपये से 361 रुपये प्रति शेयर होगा। वहीं बेंगलुरु में स्थित सॉफ्टवेयर-एज़-ए-सर्विस (SaaS) कंपनी इस इश्यू के माध्यम से लगभग 1,788 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है।
आईपीओ में 816 करोड़ रुपये तक के नए शेयर जारी करना और मौजूदा शेयरधारकों द्वारा 26,942,343 इक्विटी शेयरों की बिक्री का प्रस्ताव (OFS) शामिल है। मूल्य सीमा के ऊपरी स्तर पर, OFS घटक लगभग 972 करोड़ रुपये का होने का अनुमान है। अमागी 2026 में घरेलू स्टॉक एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध होने वाला पहला भारतीय स्टार्टअप बन जाएगा।
कंपनी के शुरुआती निवेशकों में से एक, प्रेमजी इन्वेस्ट को लिस्टिंग से काफी लाभ होने की उम्मीद है। इसकी औसत अधिग्रहण लागत 24 रुपये प्रति शेयर है, जिससे लगभग 14 गुना रिटर्न मिलता है। एक अन्य शुरुआती निवेशक, एक्सेल को लगभग 41% लाभ होने का अनुमान है। ओएफएस में भाग लेने वाले अन्य संस्थागत शेयरधारकों में ट्रुडी होल्डिंग्स और नॉरवेस्ट वेंचर पार्टनर्स शामिल हैं।
कंपनी के अनुसार नए इश्यू से प्राप्त धनराशि का उपयोग टेक्नोलॉजी और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश करने, अधिग्रहण करने और सामान्य कॉर्पोरेट आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किया जाएगा।
साल 2018 में स्थापित की गई अमागी, SaaS मॉडल के तहत क्लाउड-आधारित विज्ञापन और मीडिया समाधान प्रदान करती है, जिससे मीडिया कंपनियां दर्शकों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकती हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका इसका सबसे बड़ा बाजार बना हुआ है, जो कुल रेवेन्यू में लगभग 73% का योगदान देता है।
बता दें कि वित्त वर्ष 2025 के लिए अमागी ने 1,163 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 32% अधिक है, जबकि नवीनतम रिपोर्टिंग अवधि में घाटा घटकर 69 करोड़ रुपये रह गया।