यह पहल आईआईटी बॉम्बे के हैकरफैब के बाद शुरू हुई है। इसे देश में अपनी तरह की पहली विश्वविद्यालय-प्रायोजित और छात्र-नेतृत्व वाली सुविधा बताया गया है।
महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन और महिंद्रा यूनिवर्सिटी के चांसलर आनंद महिंद्रा ने कहा कि छात्रों को खुद प्रयोग करने, असफल होने और अपने स्तर पर समाधान तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने हैकरफैब को ऐसा प्लेटफॉर्म बताया, जहां छात्र बिना किसी अनुमति का इंतजार किए चीजों को खोलकर, समझकर और खुद काम करके सीख सकते हैं।
सेमीकंडक्टर निर्माण में छात्रों को मिलेगा व्यावहारिक अनुभव
इस पहल का उद्देश्य छात्रों को सेमीकंडक्टर निर्माण की प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव देना है, ताकि भारत के घरेलू सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए जरूरी तकनीकी कौशल विकसित किए जा सकें। इस पहल का नेतृत्व महिंद्रा यूनिवर्सिटी के बीटेक इन वीएलएसआई डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी कार्यक्रम के छात्र कर रहे हैं।
हैकरफैब के तहत छात्र कम लागत वाले सेमीकंडक्टर निर्माण उपकरण विकसित करने पर काम करेंगे। इसका उपयोग शिक्षा और शोध दोनों के लिए किया जाएगा।
सेमीकंडक्टर निर्माण के प्रमुख उपकरणों पर काम करेंगे छात्र
छात्र सेमीकंडक्टर निर्माण से जुड़े कई महत्वपूर्ण उपकरणों पर काम करेंगे। इनमें मास्कलेस फोटोलिथोग्राफी सिस्टम, आरएफ स्पटरिंग चैंबर, स्पिन कोटर और ट्यूब फर्नेस शामिल हैं।
विश्वविद्यालय के अनुसार, इस व्यावहारिक मॉडल से छात्रों को केवल चिप डिजाइन तक सीमित रहने के बजाय वास्तविक सेमीकंडक्टर निर्माण प्रक्रिया को समझने और उस पर काम करने का अवसर मिलेगा। यह पहल विश्वविद्यालय की क्लीनरूम सुविधा स्थापित करने की योजना को भी समर्थन देगी। इस सुविधा का इस्तेमाल छात्रों की शिक्षा और शोध के लिए किया जाएगा।
2023 में कार्नेगी मेलन यूनिवर्सिटी से हुई थी शुरुआत
हैकरफैब की शुरुआत वर्ष 2023 में कार्नेगी मेलन यूनिवर्सिटी के इलेक्ट्रिकल एंड कंप्यूटर इंजीनियरिंग विभाग में एक ओपन-सोर्स पहल के रूप में हुई थी। इसका उद्देश्य कम लागत वाले और छात्रों द्वारा तैयार किए गए उपकरणों के जरिए सेमीकंडक्टर माइक्रोफैब्रिकेशन को अधिक सुलभ बनाना था।
इसके बाद इस पहल को भारत और विदेशों के कई संस्थानों ने अपनाया। आईआईटी बॉम्बे ने अगस्त 2025 में भारत का पहला छात्र-निर्मित हैकरफैब शुरू किया था। वहां छात्रों ने मास्कलेस लिथोग्राफी, स्पिन कोटिंग, स्पटरिंग और फर्नेस संचालन के लिए प्रोटोटाइप उपकरण विकसित किए हैं।
भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए तैयार होंगे कुशल इंजीनियर
महिंद्रा यूनिवर्सिटी के अनुसार, हैकरफैब का मुख्य फोकस ऐसे इंजीनियर तैयार करना है, जिनके पास तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी हो। यह पहल ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब भारत घरेलू सेमीकंडक्टर निर्माण क्षमता को मजबूत करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
विश्वविद्यालय का मानना है कि छात्रों को वास्तविक उपकरणों और निर्माण प्रक्रियाओं पर काम करने का अवसर देने से उनमें समस्या समाधान, प्रयोग और नवाचार की क्षमता विकसित होगी। इससे देश में भविष्य के सेमीकंडक्टर कार्यबल को तैयार करने में मदद मिल सकती है।