भारत में हायर एजुकेशन और स्किल डेवलपमेंट को डिजिटल टेक्नोलॉजी से जोड़ने की दिशा में सरकार की पहल अब इमर्जिंग टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्री-रेडी स्किल्स पर अधिक केंद्रित हो रही है। इसी दिशा में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (NIELIT) ने NIELIT डिजिटल यूनिवर्सिटी (NDU) प्लेटफॉर्म शुरू किया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और वर्किंग प्रोफेशनल्स को फ्लेक्सिबल, अफोर्डेबल और एम्प्लॉयमेंट-ओरिएंटेड डिजिटल एजुकेशन उपलब्ध कराना है। NDU को नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020, डिजिटल इंडिया और स्किल इंडिया के लक्ष्यों के साथ जोड़ा गया है।
एआई और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी पर इंडस्ट्री-फोकस्ड शिक्षा
NIELIT डिजिटल यूनिवर्सिटी का उद्घाटन केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 2 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली में किया था। प्लेटफॉर्म पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, डेटा साइंस, सेमीकंडक्टर्स और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे इमर्जिंग टेक्नोलॉजी क्षेत्रों में इंडस्ट्री-फोकस्ड प्रोग्राम उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ फ्लेक्सिबल डिजिटल लर्निंग मोड और वर्चुअल लैब भी शामिल हैं।
NDU का उद्देश्य डिजिटल एजुकेशन को केवल ऑनलाइन कोर्स तक सीमित रखना नहीं है। प्लेटफॉर्म को इस तरह विकसित किया गया है कि लर्नर्स को इमर्जिंग टेक्नोलॉजी में प्रैक्टिकल और फ्यूचर-रेडी स्किल्स मिल सकें। इसके प्रोग्राम NCVET-अप्रूव्ड और NSQF-अलाइन हैं तथा एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (ABC) के जरिए क्रेडिट ट्रांसफर की सुविधा भी दी गई है। मल्टीलिंगुअल लर्निंग और वेरिफायेबल डिजिटल सर्टिफिकेट जैसी सुविधाएं भी प्लेटफॉर्म का हिस्सा हैं।
2030 तक 40 लाख लर्नर्स तक पहुंचने का लक्ष्य
NDU में करियर पाथवे, मेंटर्स, इंटरव्यू सिमुलेटर्स और इंटरैक्टिव लर्निंग मॉड्यूल्स जैसे एआई-इनेबल्ड टूल्स को भी शामिल किया गया है। इनका उद्देश्य लर्नर्स को कोर्स लर्निंग के साथ करियर प्लानिंग और रोजगार की तैयारी में सहायता देना है। सरकार ने इस प्लेटफॉर्म के जरिए 2030 तक 40 लाख लर्नर्स तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है।
यह पहल विशेष रूप से उन लर्नर्स के लिए महत्वपूर्ण है, जिन्हें पारंपरिक हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस या टेक्नोलॉजी ट्रेनिंग सेंटर्स तक आसानी से पहुंच नहीं मिलती। डिजिटल मोड के जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों से लर्नर्स इमर्जिंग टेक्नोलॉजी कोर्स तक पहुंच बना सकते हैं। इससे हायर एजुकेशन, स्किल डेवलपमेंट और एम्प्लॉयबिलिटी के बीच बेहतर तालमेल बनाने की संभावना बढ़ती है।
पांच नए NIELIT सेंटर्स का वर्चुअल उद्घाटन
NDU के लॉन्च के अवसर पर पांच नए NIELIT सेंटर्स का भी वर्चुअल उद्घाटन किया गया था। ये सेंटर्स मुजफ्फरपुर (बिहार), बालासोर (ओडिशा), तिरुपति (आंध्र प्रदेश), लुंगलेई (मिजोरम) और दमन में शुरू किए गए। इन सेंटर्स का उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक्स और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी से जुड़ी शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट की पहुंच देश के अलग-अलग क्षेत्रों तक बढ़ाना था।
इस विस्तार का एजुकेशन सेक्टर के लिए महत्व इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि टेक्नोलॉजी एजुकेशन की मांग अब केवल बड़े शहरों और प्रमुख यूनिवर्सिटीज तक सीमित नहीं है। ग्रामीण, सेमी-अर्बन और नॉर्थ-ईस्टर्न क्षेत्रों में डिजिटल स्किल्स और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी ट्रेनिंग की पहुंच बढ़ाना फ्यूचर वर्कफोर्स तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
इंडस्ट्री पार्टनरशिप से मजबूत होगा एजुकेशन-स्किल कनेक्ट
NDU लॉन्च के दौरान NIELIT और कई इंडस्ट्री ऑर्गनाइजेशंस के बीच पार्टनरशिप भी सामने आईं। इसका उद्देश्य इंडस्ट्री की बदलती जरूरतों के अनुसार कोर्स और स्किल प्रोग्राम तैयार करना तथा एजुकेशन और रोजगार के बीच स्किल गैप को कम करना है। लॉन्च के दौरान सरकार ने इंडस्ट्री पार्टनर्स के साथ कोर्स डिजाइन और स्किल एजुकेशन गैप को दूर करने पर भी जोर दिया था।
NDU का इंडस्ट्री-लिंक्ड अप्रोच हायर एजुकेशन के बदलते मॉडल को भी दर्शाता है। आज विद्यार्थियों के लिए केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है। एआई, डेटा, साइबर सिक्योरिटी, सेमीकंडक्टर और क्लाउड जैसे क्षेत्रों में प्रैक्टिकल स्किल्स और इंडस्ट्री एक्सपोजर भी महत्वपूर्ण हो गए हैं। इसलिए यूनिवर्सिटीज और इंडस्ट्री के बीच करिकुलम अलाइनमेंट आने वाले वर्षों में एजुकेशन ग्रोथ का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है।
2026 में NIELIT का टेक्नोलॉजी स्किलिंग नेटवर्क और मजबूत
NIELIT के हालिया 2026 सरकारी अपडेट के अनुसार, संस्थान 56 सेंटर्स, 750 से अधिक एफिलिएटेड इंस्टीट्यूट्स और 9,000 से अधिक फैसिलिटेशन सेंटर्स के नेटवर्क के जरिए टेक्नोलॉजी टैलेंट डेवलपमेंट पर काम कर रहा है। NIELIT एआई, साइबर सिक्योरिटी, ब्लॉकचेन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, क्लाउड कंप्यूटिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में ट्रेनिंग प्रदान करता है।
इसके अलावा NIELIT ने 27 सेंटर्स में IndiaAI डेटा लैब्स भी स्थापित किए हैं और एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट्स में डिजिटल स्किलिंग प्रोग्राम लागू किए हैं। ये पहल NDU और NIELIT के व्यापक टेक्नोलॉजी एजुकेशन इकोसिस्टम को केवल डिजिटल लर्निंग तक सीमित न रखकर एआई और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी की प्रैक्टिकल स्किलिंग से जोड़ती हैं।
NIELIT बना हायर एजुकेशन और फ्यूचर स्किल्स का बड़ा आधार
NIELIT को जुलाई 2024 में मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन द्वारा डिम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी अंडर ए डिस्टिंक्ट कैटेगरी का दर्जा मिला था। इसका मुख्य कैंपस रोपड़, पंजाब में है और इसके 11 कंस्टीट्यूएंट कैंपस भी हैं। वहीं 2026 के सरकारी आंकड़ों के अनुसार, NIELIT देशभर में एक करोड़ से अधिक कैंडिडेट्स की परीक्षाएं आयोजित कर चुका है। इसके व्यापक नेटवर्क और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी प्रोग्राम्स के कारण यह डिजिटल एजुकेशन और टेक्नोलॉजी टैलेंट डेवलपमेंट में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
हायर एजुकेशन से एम्प्लॉयबिलिटी तक डिजिटल पाथवे
NIELIT डिजिटल यूनिवर्सिटी की पहल भारत में हायर एजुकेशन के बदलते लैंडस्केप को दर्शाती है, जहां डिजिटल लर्निंग, इंडस्ट्री पार्टनरशिप, इमर्जिंग टेक्नोलॉजी और एम्प्लॉयबिलिटी तेजी से एक-दूसरे से जुड़ रहे हैं। एआई और सेमीकंडक्टर से लेकर साइबर सिक्योरिटी, क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा साइंस तक, फ्यूचर वर्कफोर्स के लिए नए स्किल्स की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है।
ऐसे में NDU जैसे प्लेटफॉर्म का अगला चरण केवल अधिक लर्नर्स को ऑनलाइन एजुकेशन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि इंडस्ट्री-रेडी स्किल्स, प्रैक्टिकल लर्निंग, एकेडमिक क्रेडिट और रोजगार के परिणामों को एक ही डिजिटल इकोसिस्टम में जोड़ना होगा। NIELIT की 2026 में बढ़ती एआई और डिजिटल स्किलिंग पहल इस दिशा में भारत के एजुकेशन और फ्यूचर वर्कफोर्स इकोसिस्टम के लिए महत्वपूर्ण कड़ी बनती दिखाई दे रही है।