भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) की SPIRE Lab ने ARTPARK के सहयोग और Google के समर्थन से SraVaani नाम का नया multilingual speech recognition model जारी किया है। यह मॉडल 65 भारतीय भाषाओं और बोलियों पर trained है, जिनमें 40 से अधिक ऐसी भाषाएं और बोलियां शामिल हैं, जिन्हें मौजूदा speech recognition systems में आधिकारिक रूप से पर्याप्त support नहीं मिलता है। SraVaani को सभी के लिए मुफ्त में उपलब्ध कराया गया है और इसे Hugging Face पर MIT licence के तहत जारी किया गया है।
25 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच बनाने का लक्ष्य
आज के ज्यादातर Speech AI systems कुछ प्रमुख भाषाओं में ही बेहतर तरीके से काम करते हैं। भारत में बोली जाने वाली कई regional और dialect languages के लिए reliable speech-to-text सुविधा अभी भी सीमित है। SraVaani इसी gap को कम करने की कोशिश करता है। इसमें 20 scheduled languages के साथ 45 regional languages और dialects को शामिल किया गया है। 2011 Census के आधार पर यह मॉडल उन करीब 25 करोड़ लोगों तक Speech AI की पहुंच बढ़ाने में मदद कर सकता है, जिनकी भाषाओं को मौजूदा systems में पर्याप्त support नहीं मिलता।
SraVaani का language coverage पूरे भारत में फैला हुआ है। इसमें North East की 19 भाषाएं, Eastern India की 16, Western India की 9, Northern India की 8, Southern India की 6 और Central India की 5 भाषाएं शामिल हैं। इसके अलावा English और Sanskrit को भी model में शामिल किया गया है। Garo, Angika, Chakma, Kokborok, Tulu, Bundeli और Bajjika जैसी भाषाओं को support देकर यह model उन भाषाओं पर भी ध्यान देता है, जिन्हें traditional speech technology में कम प्राथमिकता मिली है।
Developers और Researchers के लिए Open-Source AI Model
SraVaani अब Hugging Face पर demo और fine-tuning code के साथ सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है। Developers और researchers इसे इस्तेमाल कर सकते हैं, इसमें बदलाव कर सकते हैं और इसके आधार पर नए AI applications तैयार कर सकते हैं। इसका उद्देश्य Indian regional languages, low-resource speech-to-text, automatic language detection, dialect recognition और sovereign AI applications में research और innovation को बढ़ावा देना है।
Model को आठ public benchmark datasets पर evaluate किया गया है। इसके results में भारत की widely supported languages के लिए इसकी accuracy leading Indic speech recognition systems के comparable रही। Evaluation में SraVaani ने सबसे कम average word error rate हासिल किया। हालांकि, इसकी सबसे बड़ी खासियत उन regional languages और dialects में performance है, जिन्हें मौजूदा systems में पर्याप्त support नहीं मिलता।
Garo जैसी कम-संसाधन वाली भाषाओं में बेहतर Performance
SraVaani को scheduled languages के अलावा 40 से अधिक additional languages और dialects पर train किया गया है। इनमें से कई भाषाओं में model ने मजबूत results दिखाए हैं। उदाहरण के लिए, Garo language में SraVaani ने 9.5% word error rate हासिल किया, जबकि evaluation में अगला बेहतर system 69.4% word error rate पर था। इससे कम-संसाधन वाली भारतीय भाषाओं के लिए model की क्षमता का संकेत मिलता है।
IISc के डायरेक्टर प्रो. गोविंदन रंगराजन ने कहा कि जैसे-जैसे भारत Artificial Intelligence में अपनी capabilities विकसित कर रहा है, inclusive language technology इस ambition का महत्वपूर्ण हिस्सा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि IISc में research को हमेशा देश की जरूरतों से जोड़कर देखा गया है और 60 से अधिक भारतीय भाषाओं को support करने वाला SraVaani इसी दिशा में एक योगदान है।
Project Vaani से तैयार हुआ SraVaani का Data Foundation
IISc के Professor और Project Vaani के प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर प्रो. प्रशांत कुमार घोष के अनुसार, Project Vaani की शुरुआत इस उद्देश्य से की गई थी कि Voice AI केवल उन भारतीयों तक सीमित न रहे, जिनकी भाषाओं के लिए पहले से पर्याप्त data उपलब्ध है। SraVaani इसी vision को आगे बढ़ाता है और ऐसी भाषाओं में भी speech recognition उपलब्ध कराने की कोशिश करता है जिन्हें आज के systems पर्याप्त रूप से support नहीं करते।
SraVaani के पीछे Project Vaani के तहत तैयार किया गया बड़ा speech dataset है। इस project में देशभर से natural और spontaneous speech को रिकॉर्ड किया गया है। अब तक 28 राज्यों के 165 जिलों और तीन Union Territories से 1,56,000 से अधिक लोगों की 31,000 घंटे से ज्यादा speech रिकॉर्ड की जा चुकी है। Speakers को तैयार sentences पढ़ने के बजाय images देखकर अपने शब्दों में उनका वर्णन करने के लिए कहा गया, जिससे natural speech, regional variations और अलग-अलग dialects को dataset में शामिल किया जा सका।
तीन चरणों में Train हुआ SraVaani Model
SraVaani को तीन प्रमुख stages में train किया गया। पहले stage में इसे पूरे Vaani speech corpus पर train किया गया। इसके बाद 11.8 million Vaani audio-image pairs का इस्तेमाल audio और image alignment के लिए किया गया। अंतिम stage में Vaani और अन्य publicly available Indian speech datasets से लिए गए transcribed speech data पर model को train किया गया।
इस training में IndicVoices, RESPIN, SPRING-INX, SPICOR और SYSPIN जैसे datasets भी शामिल किए गए। SraVaani 10 अलग-अलग scripts में text generate कर सकता है और बोले जा रहे language की automatic पहचान भी कर सकता है। इसका मतलब है कि system का इस्तेमाल करने से पहले user को अलग से language tag बताने की जरूरत नहीं होगी।
कुल मिलाकर, SraVaani भारत में inclusive और multilingual Voice AI को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। Regional languages और dialects के लिए open-source speech technology उपलब्ध होने से education, digital services, accessibility, research और अन्य AI applications में नए अवसर बन सकते हैं। यह पहल भारत की language diversity को AI ecosystem में शामिल करने और technology को अधिक लोगों तक पहुंचाने में मदद कर सकती है।