प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को IIT Delhi के 57वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। कार्यक्रम में 3,000 से अधिक छात्र और 587 PhD स्कॉलर्स शामिल हुए। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने छात्रों से लगातार सीखते रहने, स्थापित सोच पर सवाल उठाने, बड़ी समस्याओं को छोटे हिस्सों में बांटकर समाधान खोजने और भारत के स्टार्टअप व टेक्नोलॉजी सेक्टर में योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा भारत को ‘विकसित भारत’ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
1. लगातार सीखते रहें और सवाल पूछते रहें
प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों से अपनी जिज्ञासा को हमेशा बनाए रखने और लगातार सीखते रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि तकनीक, उद्योग, पेशे और दुनिया में शक्ति का संतुलन तेजी से बदल रहा है, इसलिए युवाओं को नए ज्ञान के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। उन्होंने छात्रों से उन बातों पर भी सवाल उठाने को कहा, जिन्हें लोग बिना सोचे-समझे सही मान लेते हैं। उनके अनुसार, सवाल पूछने और जवाब खोजने का साहस ही आगे बढ़ने में मदद करता है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि जो लोग लगातार सीखते रहते हैं, उनके सफल होने की संभावना अधिक होती है।
2. युवा उद्यमी भारत की स्टार्टअप क्रांति को आगे बढ़ा रहे हैं
प्रधानमंत्री ने भारत के तेजी से बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम में युवाओं की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने IIT Delhi के उन पूर्व छात्रों का उदाहरण दिया, जिन्होंने आगे चलकर सफल स्टार्टअप शुरू किए और देश के उद्यमिता क्षेत्र में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी ने भारत की स्टार्टअप क्रांति को नई दिशा और मजबूती दी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर एक संस्थान के छात्र इतना बड़ा बदलाव ला सकते हैं, तो पूरे देश में तैयार हो रही युवा प्रतिभा की क्षमता कितनी बड़ी होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
3. सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग से दिख रहा है भारत का तकनीकी आत्मविश्वास
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के सेमीकंडक्टर कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि देश अब कठिन तकनीकी क्षेत्रों में भी अपनी क्षमता साबित कर रहा है। जब भारत ने सेमीकंडक्टर निर्माण की दिशा में कदम बढ़ाए थे, तब कई लोगों ने सवाल उठाया था कि क्या देश में चिप का निर्माण संभव होगा। उन्होंने कहा कि अब भारत की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट में उत्पादन शुरू हो चुका है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में भारत में “चिप से लेकर शिप तक” बहुत कुछ तैयार किया जाएगा और इसमें देश के युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
4. बड़ी समस्याओं को छोटे हिस्सों में बांटकर समाधान खोजें
प्रधानमंत्री ने छात्रों से कहा कि बड़ी और कठिन समस्याओं से डरने के बजाय उन्हें छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर समाधान तलाशना चाहिए। उन्होंने छात्रों के सिमुलेशन और प्रोजेक्ट्स का उदाहरण देते हुए कहा कि कई बार किसी समस्या का समाधान खोजने में घंटों या कई दिन लग जाते हैं, लेकिन लगातार प्रयास से रास्ता निकल आता है। उन्होंने कहा कि जीवन में चुनौतियां हमेशा आती रहेंगी, लेकिन जो लोग समस्याओं को समझकर नए समाधान खोजते हैं, उनके लिए यही चुनौतियां नए अवसर भी बन सकती हैं।
5. अगले 30–35 वर्षों में भारत के विकास में युवाओं की बड़ी भूमिका
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दीक्षांत समारोह में शामिल छात्रों के जीवन के अगले 30–35 वर्ष भारत की ‘विकसित भारत’ की यात्रा के साथ आगे बढ़ेंगे। उन्होंने छात्रों से अपने करियर और फैसलों के राष्ट्रीय प्रभाव के बारे में सोचने की अपील की। उन्होंने युवाओं से दो सवाल हमेशा पूछने को कहा—“इससे देश को क्या लाभ होगा?” और “यह देश की किस जरूरत को पूरा करेगा?” प्रधानमंत्री ने कहा कि नए समाधान खोजने का साहस ही चुनौतियों को अवसरों में बदल सकता है और यही सोच IIT Delhi ने अपने छात्रों में विकसित की है।