Arivihan ने जुटाए 10 मिलियन डॉलर, CBSE लर्निंग और AI रिसर्च को देगा बढ़ावा

Arivihan ने जुटाए 10 मिलियन डॉलर, CBSE लर्निंग और AI रिसर्च को देगा बढ़ावा

Arivihan ने जुटाए 10 मिलियन डॉलर, CBSE लर्निंग और AI रिसर्च को देगा बढ़ावा
इंदौर में स्थित EdTech स्टार्टअप Arivihan ने सीरीज A फंडिंग राउंड में 10 मिलियन डॉलर जुटाए हैं। इस राउंड की अगुवाई मौजूदा निवेशक Accel और Prosus ने की है।


GSF से जुड़े एंजेल निवेशकों ने करीब 2 लाख डॉलर का अतिरिक्त निवेश भी किया है। मौजूदा राउंड के बाद कंपनी की कुल फंडिंग 15 मिलियन डॉलर से अधिक हो गई है। नियामकीय फाइलिंग के आधार पर इस राउंड में Arivihan का मूल्यांकन करीब 570 करोड़ रुपये रहा है।

नई फंडिंग का इस्तेमाल भारत में विस्तार, CBSE स्टूडेंट्स के लिए कंटेंट बढ़ाने, AI और स्थानीय भाषा की क्षमताओं को मजबूत करने तथा डिजिटल मार्केटिंग और ऑन-ग्राउंड डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को बढ़ाने में किया जाएगा। कंपनी का लक्ष्य साल के अंत तक लगभग सभी State Boards तक पहुंच बनाने, CBSE ऑफरिंग का विस्तार करने और मेडिकल एंट्रेंस तैयारी में अपनी मौजूदगी मजबूत करने का है।

CBSE लर्निंग और AI रिसर्च पर बढ़ेगा फोकस

Arivihan एक AI-पावर्ड लर्निंग प्लेटफॉर्म है, जो स्कूल स्टूडेंट्स के लिए इंटरएक्टिव वीडियो लेक्चर्स, डाउट सॉल्विंग और पर्सनलाइज्ड स्टडी प्लान उपलब्ध कराता है। प्लेटफॉर्म का मॉडल AI के जरिए स्टूडेंट्स को पढ़ाई में व्यक्तिगत सहायता देने पर केंद्रित है। Accel ने Arivihan को AI-नेटिव EdTech कंपनी बताया है, जो छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के स्टूडेंट्स तक पर्सनलाइज्ड लर्निंग पहुंचाने पर काम कर रही है।

कंपनी की मौजूदा सर्विसेज State Board, CBSE और NEET की तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स को लक्षित करती हैं। इसका खास फोकस Class 12 के छात्रों और Tier-2, Tier-3 शहरों तथा ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों पर है। Arivihan के को-फाउंडर रितेश सिंह चंदेल के अनुसार, Tier-3 शहरों और ग्रामीण भारत से करीब 80 प्रतिशत सब्सक्राइबर्स आते हैं। कंपनी मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और बिहार जैसे राज्यों में अपनी पहुंच बढ़ा रही है।

छोटे शहरों के स्टूडेंट्स तक AI लर्निंग पहुंचाने की तैयारी

Arivihan की स्थापना 2022 में IIT Roorkee के पूर्व छात्रों रितेश सिंह चंदेल, सोनू कुमार और रुशभ कोठारी (Rushabh Kothari) ने की थी। कंपनी टेक्नोलॉजी के जरिए छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों के लिए कम लागत वाली और पर्सनलाइज्ड अकादमिक सहायता उपलब्ध कराने पर काम करती है। Accel के अनुसार, कंपनी ने शुरुआती बाजार के रूप में मध्य प्रदेश से शुरुआत की और बाद में दूसरे State Boards तथा राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की ओर विस्तार किया।

नई फंडिंग के साथ कंपनी अपनी AI क्षमताओं और वर्नाक्युलर भाषा सपोर्ट को मजबूत करने की योजना बना रही है। इससे अलग-अलग भाषाई पृष्ठभूमि वाले छात्रों के लिए डिजिटल लर्निंग अनुभव को बढ़ाने पर जोर रहेगा। कंपनी नई क्रैश कोर्सेज लॉन्च करने और विभिन्न कार्यक्षेत्रों में हायरिंग बढ़ाने की भी तैयारी कर रही है।

फंडिंग के साथ बढ़ा Arivihan का कारोबार

Arivihan ने 2024 में Accel के Atoms प्रोग्राम के जरिए सीड फंडिंग हासिल की थी। इसके बाद जुलाई 2025 में कंपनी ने Prosus और Accel की अगुवाई में करीब 4.2 मिलियन डॉलर की प्री-सीरीज A फंडिंग जुटाई थी। मौजूदा राउंड करीब 15 महीनों में कंपनी की दूसरी बड़ी फंडिंग है।

वित्त वर्ष 2025 में Arivihan का रेवेन्यू करीब 14.8 गुना बढ़कर 3.14 करोड़ रुपये हो गया, जबकि वित्त वर्ष 2024 में यह 21.29 लाख रुपये था। इसी अवधि में कंपनी को 4.45 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। कंपनी ने अभी FY26 के वित्तीय आंकड़े दाखिल नहीं किए हैं।

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